रायपुर में दुर्गा पूजा पंडालों की अनोखी थीमें, अक्षरधाम से लेकर ‘गुपचुप’ तक

रायपुर: शारदीय नवरात्र के छठे दिन से बंगाली दुर्गा पूजा की शुरुआत के साथ राजधानी रायपुर और आस-पास के इलाकों में थीम-आधारित पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। माना कैंप में इस बार अक्षरधाम मंदिर जैसी भव्यता वाला 70 फीट ऊँचा पंडाल तैयार किया गया है। इसके समीप माना बाजार में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर 50 फीट ऊँचा पंडाल बनाया गया है।

गुढ़ियारी के खालबाड़ा इलाके में देवी शीतला के जुड़वां रूप को दर्शाने वाला पंडाल बनाया गया है, जबकि कालीबाड़ी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर लाल सिंदूर से सजा पंडाल देखने वालों को आकर्षित कर रहा है। राजेंद्र नगर में सिंधी पंचायत ने गरबा के दौरान ‘लव जिहाद’ से सावधानी का संदेश देने वाली झांकी प्रस्तुत की।

बिलासपुर के मसानगंज में नवयुवक दुर्गोत्सव समिति ने इस साल ‘गुपचुप’ थीम पर पंडाल सजाया है, जिसमें 5 लाख गुपचुप, चौकी-बेलन और कढ़ाई-झारा से सजावट की गई।


अक्षरधाम और दक्षिणेश्वर मंदिर की झलक

माना कैंप की सार्वजनिक श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति पिछले 62 सालों से आयोजन कर रही है। इस बार कोलकाता के 30 कारीगरों ने ढाई महीने की मेहनत से अक्षरधाम शैली में पंडाल तैयार किया है। 40 लाख रुपये के बजट में देवी की मूर्ति भी कोलकाता से मंगाई गई है।

माना बाजार में दक्षिणेश्वर काली मंदिर पर आधारित पंडाल 25 लाख रुपये के बजट में तैयार हुआ है। यहां स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस और मां शारदा की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।


स्थानीय देवी और नई-नई थीमें

गुढ़ियारी के खालबाड़ा में शीतला माता के लोकगीत व नृत्य के साथ सेवा भाव को प्रदर्शित करने वाला पंडाल बना है। यहां चेचक से बचाव करने वाली देवी शीतला को समर्पित दृश्य भी दिखाया गया है।

कालीबाड़ी में 93 साल पुराने दुर्गोत्सव में पहली बार थीम-आधारित पंडाल बनाया गया है, जिसमें लाल सिंदूर के रंग से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम सजी है।

राजेंद्र नगर में गरबा के बीच लव जिहाद के खतरों को दर्शाने वाली झांकी रखी गई है, जिसमें फ्रिज और सूटकेस में लड़की के शव जैसे दृश्य, खून और चाकू दिखाए गए हैं, ताकि युवतियां सतर्क रहें।


‘गुपचुप’ थीम से सबका ध्यान खींचता बिलासपुर

बिलासपुर के मसानगंज में इस साल गुपचुप पर आधारित पंडाल में देवी अंबे, भगवान गणेश और कार्तिकेय विराजमान हैं। 57वें वर्ष में आयोजित इस पंडाल ने कोलकाता के प्रयोग को अपनाया है। पिछले साल चॉकलेट थीम थी, इस बार पूरी सजावट गुपचुप और उससे जुड़ी सामग्री से की गई है।


इस तरह अलग-अलग थीमों ने रायपुर व बिलासपुर के दुर्गा पूजा पंडालों को खास बना दिया है, जहां लोग दूर-दूर से देखने आ रहे हैं।

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