नवरात्रि और दशहरा के बाद अब दिवाली के लिए ट्रेनों में भीड़ कई गुना बढ़ गई है। रायपुर से यात्रा करने वाली अधिकांश ट्रेनें रोजाना पैक चल रही हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में इजाफा हो गया है। स्लीपर और एसी दोनों डिब्बों में लगातार चोरी की घटनाएँ सामने आ रही हैं। चोरी करने वाले गिरोह इस त्योहारी सीजन में बेहद सक्रिय हो गए हैं।
चोरी करने वाला गिरोह
गिरोह मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता है और अक्सर महिलाओं को निशाना बनाता है। वे खासतौर पर उन यात्रियों पर नजर रखते हैं जिनके पास कीमती सामान होता है। रात में चोरी करके वे किसी भी स्टेशन पर उतर जाते हैं।
रेलवे और पुलिस की तैयारी
जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जीआरपी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि:
- कीमती सामान के साथ सफर करने से बचें।
- अंजान लोगों से ज्यादा बातचीत न करें।
- कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत जवानों को सूचित करें।
रेलवे एसपी ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चोरी की हालिया घटनाएँ
- समता एक्सप्रेस: समता कॉलोनी की महिला के बैग से नींद में ही 9 लाख की ज्वेलरी (हीरे का नेकलेस सहित) चोरी।
- दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस: आईटीबीपी के जवान का बैग चोरी, जिसमें दो सर्विस रिवाल्वर, चार मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस थे। बाद में जीआरपी ने चोर को पकड़ लिया।
- शिवनाथ एक्सप्रेस: गोंदिया से रायपुर जा रही कारोबारी की पत्नी का पर्स चोरी, जिसमें नकद और जरूरी सामान था।
गश्त और निगरानी
जीआरपी और आरपीएफ की टीम स्टेशन और ट्रेनों में लगातार मॉनिटरिंग और गश्त कर रही है। भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर उसकी जांच की जा रही है।
यात्री संख्या और सावधानी
- आम दिनों में रायपुर स्टेशन से करीब 70 हजार यात्री रोज सफर करते हैं, त्योहारों में संख्या एक लाख से ज्यादा हो जाती है।
- दिवाली तक ट्रेनों में वेटिंग बनी रहती है।
- वेटिंग टिकट होने के बावजूद कई लोग ट्रेन में चढ़ जाते हैं, जिससे सामान इधर-उधर हो जाता है और चोरों को मौका मिलता है।
सफर के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
- एसी में सफर करते समय सोते समय सामान का ध्यान रखें।
- अंजान लोगों से दोस्ती या ज्यादा बातचीत न करें।
- दूसरों से खाने-पीने की चीजें न लें, बच्चों को भी न दें।
- रिजर्व सीट या बैठने को लेकर बहस होने पर टीटीई को सूचित करें।
- स्टेशन पर आने से पहले सामान लेकर गेट पर निकलें, जल्दबाजी न करें।
- मदद के नाम पर कोई सीट में बैठाने का प्रस्ताव दे तो इसे स्वीकार न करें।
रेलवे और पुलिस यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क हैं, लेकिन यात्रियों को भी अपने सामान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।

