नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा, दंतेश्वरी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दंतेश्वरी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में दर्शन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।

मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार मां चंद्रघंटा की आराधना से भय का नाश होता है तथा साहस, मानसिक शांति और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।

मनोकामना ज्योति से जगमगाया मंदिर परिसर

नवरात्र के अवसर पर मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की जा रही है। दीपों की रोशनी से पूरा परिसर आलोकित हो उठा है। भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना कर रहे हैं। सुबह की आरती से लेकर देर रात तक दर्शन के लिए लंबी कतार बनी रहती है।

भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने विशेष व्यवस्था की है। परिसर में डोम शेड और अतिरिक्त टेंट लगाए गए हैं, ताकि धूप या बारिश से भक्तों को परेशानी न हो। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक भी तैनात हैं।

बारिश से मिली राहत, मौसम रहा सुहावना

पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में खड़े होने में राहत मिली। शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने से दर्शन के लिए पहुंचे लोगों को मौसम अनुकूल मिला।

आस्था का प्रमुख केंद्र बना दंतेवाड़ा

इन दिनों दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

अगले दिनों में विशेष पूजा कार्यक्रम

नवरात्र के आगामी दिनों में भी विशेष पूजा-अर्चना जारी रहेगी। पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता के स्वरूप की विशेष पूजा की जाएगी, जिसमें विधिवत हवन और भोग अर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि मां स्कंदमाता की उपासना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और साधक को ज्ञान तथा शक्ति की प्राप्ति होती है।

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