रायपुर में जीएसटी विभाग ने एक बड़े टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए लोहा व्यापारी अमन अग्रवाल (32) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने मृत व्यक्तियों के नाम से कई फर्जी फर्में बनाकर 26 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया।

घोटाले की मुख्य बातें:
- 144 करोड़ की फर्जी खरीदी: आरोपी ने 2023 से 2025 के बीच विभिन्न जिलों में बोगस फर्मों के जरिए झूठे बिल बनाए।
- 26 करोड़ का टैक्स चोरी: इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाकर सरकार को भारी नुकसान पहुंचाया।
- मृतकों के नाम पर फर्जीवाड़ा: जांच में पता चला कि कुछ फर्में उन लोगों के नाम पर थीं, जिनकी मौत 2010 में ही हो चुकी थी, लेकिन 2013-2015 में उनके नाम से लेन-देन दिखाया गया।
क्या हुआ अब तक?
- जीएसटी विभाग ने धारा 69 व 132बी के तहत कार्रवाई की।
- आरोपी से पूछताछ जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच हो रही है।
- उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
अधिकारियों का बयान:
जीएसटी संयुक्त आयुक्त नरेंद्र वर्मा ने बताया कि अमन अग्रवाल ने 262 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन कर 26 करोड़ का गैरकानूनी ITC लाभ उठाया। उसने छत्तीसगढ़ के अन्य व्यापारियों को झूठे बिल बेचकर सरकार को चूना लगाया।
यह मामला जीएसटी व्यवस्था में खामियों का फायदा उठाकर किए गए व्यवस्थित टैक्स फ्रॉड को उजागर करता है। विभाग ने और जांच शुरू कर दी है।

