19 संदिग्ध कनेक्शन चिन्हित, जल बोर्ड की सिफारिश: मेन राइजिंग लाइन से जोड़ हटेंगे तो सुधरेगी पानी की सप्लाई

गर्मी शुरू होते ही शहर में जल संकट गहराने लगता है। जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनवरी में एमआईसी द्वारा गठित जल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए हैं। इसमें बड़े मुद्दों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भी विस्तार से सिफारिशें की गई हैं।

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु मुख्य राइजिंग लाइन से जुड़े कनेक्शनों को हटाने या वॉल्व लगाकर पानी की आपूर्ति सीमित करने से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पानी का समान वितरण संभव होगा और पाइपलाइन में होने वाली लीकेज की समस्या भी कम होगी।

मेन राइजिंग लाइन वह मुख्य पाइपलाइन होती है जो फिल्टर प्लांट से पानी को टंकियों तक पहुंचाती है और इसमें तेज दबाव से पानी बहता है। इस लाइन से सीधे कनेक्शन लेने पर कुछ स्थानों पर लगातार तेज दबाव से पानी मिलता रहता है, जबकि अन्य इलाकों में सप्लाई प्रभावित होती है। ऐसे लगभग 19 कनेक्शनों की पहचान की गई है।

जमीनी अमल के बिना बेअसर रहेंगे सुझाव

जल बोर्ड का कहना है कि रिपोर्ट तभी कारगर होगी जब इसे सही तरीके से लागू किया जाए और कार्यों की नियमित निगरानी हो। यदि ये कदम पहले उठाए जाते तो गर्मी से पहले ही स्थिति में सुधार देखा जा सकता था।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी

मोवा, दलदल सिवनी, सड्डू और चंगोराभाठा सहित शहर के बाहरी इलाकों में पानी की समस्या अधिक है। यहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे गर्मी के महीनों में हालात और बिगड़ जाते हैं।

बड़े कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी

छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान पर काम शुरू हो चुका है, जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का दावा है कि गर्मी तक राहत देने की कोशिश की जा रही है।

विभाग का पक्ष

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के अनुसार विभाग को इन कनेक्शनों की जानकारी है और इन्हें पूरी तरह अवैध नहीं माना जा सकता, क्योंकि जरूरत के हिसाब से समय-समय पर दिए गए थे। हालांकि अब इन पर वॉल्व लगाकर पानी की मात्रा नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 24 घंटे होने वाली सप्लाई को संतुलित किया जा सके। अन्य सुझावों पर भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख सुझाव और संभावित लाभ

• मुख्य राइजिंग लाइन से जुड़े कनेक्शन हटाना या सीमित करना
लाभ: पानी का दबाव संतुलित होगा और समान वितरण संभव होगा

• दोहरी पाइपलाइन वाले कनेक्शन समाप्त करना
लाभ: नई लाइन से सप्लाई होने पर पुरानी लाइन बंद करने से अंतिम छोर तक पानी सही दबाव से पहुंचेगा

• पाइपलाइन की मैपिंग कराना
लाभ: भविष्य में नई कॉलोनियों को जोड़ते समय भ्रम और तकनीकी समस्याएं नहीं होंगी

• टंकियों के वॉल्व सप्लाई के बाद पूरी तरह बंद करना
लाभ: पानी की बर्बादी रुकेगी और टंकियां समय पर दोबारा भरी जा सकेंगी

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