Chhattisgarh के Raigarh जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को कृषि मंत्री Ramvichar Netam का बहनोई बताकर लोगों से करीब 23 लाख रुपये ऐंठ लिए।
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में आरोपी पति-पत्नी ने मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का झांसा दिया और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे में आकर पीड़ित और उसके परिचितों ने अलग-अलग किश्तों में कुल 22 लाख 70 हजार रुपये दे दिए।
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?
पीड़ित समारू राम टंडन की मुलाकात Raipur के जयस्तंभ चौक के पास आरोपी कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताया और मंत्रालय में नौकरी दिलाने का दावा किया।
इसके बाद पीड़ित ने अपने बेटे समेत अन्य लोगों के बायोडाटा आरोपी को भेजे। धीरे-धीरे आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले—कुछ कैश तो कुछ ऑनलाइन माध्यम से।
फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर मांगे पैसे:
आरोपियों ने पीड़ितों को अपने गांव बुलाकर कथित नियुक्ति पत्र भी दिखाए और बाकी रकम जमा करने का दबाव बनाया। जॉइनिंग की तारीख तय की गई, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया गया।
बहानों का खेल और खुली पोल:
कभी विधानसभा सत्र का हवाला दिया गया तो कभी प्रक्रिया में देरी का। जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ मना कर दिया और गाली-गलौज भी की।
FIR दर्ज, आरोपी फरार:
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
सीख:
सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है—इस मामले ने एक बार फिर सतर्क रहने की चेतावनी दी है



