दामाद हत्याकांड में सास को उम्रकैद, पत्नी को 7 साल की सजा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दामाद की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। इस मामले में सास भारती वर्मा को आजीवन कारावास, जबकि पत्नी अनिता देशमुख को 7 वर्ष की सजा दी गई है।

यह फैसला पाटन स्थित अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर द्वारा सुनाया गया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर हुए जघन्य अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

घटना 29 अगस्त 2024 की है, जब ग्राम दरबार मोखली में एक बंद घर से बदबू आने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर अंदर देखा तो एक सड़ी हुई लाश मिली, जिसकी पहचान टिकेश्वर देशमुख (30) के रूप में हुई। वह अपनी पत्नी और सास के साथ वहीं रहता था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि जन्माष्टमी के कार्यक्रम से लौटने के बाद मृतक और उसकी सास के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान मारपीट भी हुई, जिससे नाराज होकर सास ने रात में कुल्हाड़ी से दामाद पर हमला कर दिया। सिर पर कई वार होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय पत्नी अनिता देशमुख पास में मौजूद थी, लेकिन उसने पति को बचाने के बजाय अपनी मां का साथ दिया। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर शव को घर के पास एक कमरे में छिपा दिया और अगले दिन घर में ताला लगाकर इलाज का बहाना बनाकर दुर्ग चले गए।

बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां सास ने हत्या की बात कबूल कर ली। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया गया।

कोर्ट में पेश गवाहों और सबूतों के आधार पर यह साबित हुआ कि भारती वर्मा ने हत्या की और अनिता देशमुख ने सबूत छिपाने में सहयोग किया। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सास को उम्रकैद और जुर्माना, जबकि पत्नी को 7 साल का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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