कांग्रेस की मांग: बस्तर के हर गांव को मिले 1 करोड़, सरकार से वादा निभाने की अपील

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बस्तर के विकास को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि सरकार अपने वादे के मुताबिक हर ग्राम पंचायत को तुरंत 1 करोड़ रुपए की राशि जारी करे। पार्टी का कहना है कि सरकार ने पहले घोषणा की थी कि जो गांव नक्सल मुक्त होंगे, उन्हें यह आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब जब सरकार खुद प्रदेश को नक्सल मुक्त बताने का दावा कर रही है, तो इस घोषणा को जमीन पर उतारना जरूरी है।

कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस फैसले से बस्तर के गांवों में विकास को गति मिलेगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार से बस्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग भी की है, ताकि क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।

पार्टी ने यह भी कहा कि वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे बस्तर के लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। इसके साथ ही युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े।

कांग्रेस ने NMDC Limited का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की मांग उठाते हुए कहा कि यहां से निकलने वाले लौह अयस्क से कंपनी को बड़ा लाभ होता है, लेकिन उसका मुख्यालय हैदराबाद में है। पार्टी का मानना है कि अब बस्तर में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो चुकी हैं, ऐसे में मुख्यालय यहां शिफ्ट किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही पार्टी ने बस्तर के लोगों में बढ़ रही उस चिंता का भी जिक्र किया, जिसमें खनिज संपदा और जंगलों के निजीकरण का डर जताया जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से साफ तौर पर आश्वासन देने की मांग की है कि क्षेत्र के संसाधनों को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी।

रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि दल्लीराजहरा से जगदलपुर तक रेल लाइन परियोजना में लगातार देरी हो रही है। इस परियोजना को 2021 तक पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका, जिससे बस्तर के लोगों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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