राज्य में वार्षिक रिजल्ट का नया फार्मूला: तिमाही-छमाही के अंक भी जुड़ेंगे

छत्तीसगढ़ में पहली से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों के वार्षिक रिजल्ट का सिस्टम बदल दिया गया है। अब तिमाही और छमाही परीक्षाओं के अंक वार्षिक परीक्षा में शामिल किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि यदि तिमाही या छमाही में किसी छात्र के अंक कम आए, तो वार्षिक परीक्षा का परिणाम भी प्रभावित होगा।

शिक्षा विभाग ने इस नई प्रणाली को चालू शिक्षा सत्र से लागू कर दिया है। हालांकि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में यह बदलाव लागू नहीं होगा। इस बदलाव से राज्य के लगभग 45 लाख छात्र सीधे प्रभावित होंगे।


नए फार्मूले के अनुसार रिजल्ट तैयार होगा

  • कक्षा 1 से 4: तिमाही और छमाही परीक्षा में प्रत्येक विषय में प्राप्त अंकों का 20-20% भार जोड़ा जाएगा। वार्षिक परीक्षा के अंक के साथ मिलाकर परिणाम तैयार किया जाएगा।
  • कक्षा 5 से 8: छमाही परीक्षा के अंक का 30% वार्षिक रिजल्ट में जोड़ा जाएगा।
  • कक्षा 9 और 11: छमाही परीक्षा के प्रत्येक विषय का 30% अंक वार्षिक रिजल्ट में जोड़ा जाएगा। हालांकि इसे पूरी तरह लागू करने से पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल से सहमति ली जाएगी।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य है कि छात्रों की सतत पढ़ाई और परीक्षा की गंभीरता बढ़े। कई बार छात्र तिमाही-छमाही में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद वार्षिक परीक्षा में सही प्रदर्शन नहीं कर पाते। इस प्रणाली से उनके पिछले अंकों के आधार पर रिजल्ट में मदद मिलेगी।


फेल होने का नियम और बदलाव

राज्य में 2010 में आरटीई कानून लागू होने के बाद कक्षा 1 से 8 तक सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से पास कर दिया गया था। पहले भी तिमाही-छमाही के अंक जोड़े जाते थे, लेकिन अब इसे व्यापक और व्यवस्थित रूप में लागू किया जा रहा है।


भास्कर एक्सपर्ट का विचार

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सतत मूल्यांकन का बेहतर फार्मूला है। यदि इसका पालन ईमानदारी और गंभीरता से किया जाए, तो छात्रों के वार्षिक रिजल्ट में सुधार होगा और उन्हें पिछले अंकों के आधार पर वार्षिक परीक्षा में फायदा मिलेगा।

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