छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नई चार्जशीट ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 570 करोड़ रुपए की अवैध कमाई में से 8 नेताओं और अफसरों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। इन पैसों से कुछ ने प्रॉपर्टी खरीदी, तो कुछ ने चुनावों में करोड़ों खर्च किए और यहां तक कि गहनों पर भी जमकर खर्चा हुआ।

💰 पैसा आया कहां से?
ED के मुताबिक, इस घोटाले का मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी था, जो कोल ट्रांसपोर्टर्स और वाशरी संचालकों से प्रति टन 125 रुपए तक की वसूली करता था।
- वाशरी से कोयला निकलने पर 25 रुपए प्रति टन का अलग शुल्क लिया जाता था।
- कोरबा और रायगढ़ में इसके लिए अलग वसूली ऑफिस बनाए गए थे।
- जो रकम जमा होती थी, उसे सूर्यकांत अपने लोगों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाता था। इस पूरे नेटवर्क में निखिल चंद्राकर का बड़ा रोल रहा।
🧾 किसे कितना मिला और कहां खर्च हुआ?
ED की चार्जशीट के अनुसार:
- IAS सौम्या चौरसिया को 169 बार में 31 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने ये रकम अपनी मां और रिश्तेदारों के नाम पर करीब 22 प्रॉपर्टी खरीदने में लगाई।
- निलंबित IAS रानू साहू को 13 बार में 5.52 करोड़ रुपए मिले, जिससे उन्होंने 13 संपत्तियां खरीदीं।
- विधायक देवेंद्र यादव को 11 बार में 3 करोड़ रुपए मिले, जो उन्होंने खैरागढ़ उपचुनाव और यूपी चुनाव में खर्च किए।
- पूर्व विधायक चंद्रदेव राय को 2 बार में 46 लाख रुपए मिले, जिनमें से 42 लाख यूपी चुनाव में लगाए और 4 लाख रुपए से पत्नी के लिए 60 ग्राम सोने का हार खरीदा।
- कांग्रेस प्रवक्ता आरपी तिवारी ने पैसों से गाड़ियां, प्रॉपर्टी और मीडिया मैनेजमेंट में निवेश किया।
- कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने 19 किश्तों में 1.87 करोड़ रुपए लिए और उन्हें प्रॉपर्टी खरीदने व चुनावी खर्च में लगाया।
💬 ED ने नेताओं और सूर्यकांत की WhatsApp चैट भी पेश की
चार्जशीट में नेताओं और सूर्यकांत तिवारी के बीच की WhatsApp बातचीत के स्क्रीनशॉट शामिल हैं।
📲 देवेंद्र यादव और सूर्यकांत की चैट:
बातचीत में चुनाव और मुलाकातों का जिक्र है —
देवेंद्र यादव ने लिखा, “भैया मैं शंकर नगर पहुंच गया हूं, कहां आना है?”
सूर्यकांत ने जवाब दिया, “रेडी होकर आता हूं भाई, 10 बजे अनुपम नगर पहुंचता हूं।”
बाद में यादव ने लिखा, “मुझे खैरागढ़ निकलना है, कितना समय लगेगा?”
सूर्यकांत का रिप्लाई आया — “DONE.”
💍 चंद्रदेव राय की चैट:
ED के अनुसार, राय ने पत्नी के लिए हार खरीदने से पहले सूर्यकांत से पूछा —
“भैया जी, आपकी बहू को ये पसंद आई है, कौन-सा लूं?”
सूर्यकांत ने जवाब दिया — “जो बहू को पसंद है, वही ले लो।”
इसके बाद राय के ड्राइवर ने होटल से पैसे लाकर ज्वेलरी शॉप में भुगतान किया।
⚖️ ED का दावा
ED ने कोर्ट में दावा किया है कि छत्तीसगढ़ कोल लेवी स्कैम में करीब 570 करोड़ रुपए की अवैध वसूली हुई।
वसूली के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम को ऑफलाइन किया गया, ताकि नियंत्रण अधिकारियों के हाथ में रहे।
इस आदेश पर तत्कालीन खनिज निदेशक IAS समीर विश्नोई के हस्ताक्षर थे।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में
- कोल स्कैम से कुल वसूली: 570 करोड़ रुपए से अधिक
- मास्टरमाइंड: सूर्यकांत तिवारी
- शामिल अफसर-नेता: 8 प्रमुख नाम
- प्रॉपर्टी खरीदी गई: सौम्या और रानू ने 35 से ज्यादा
- चुनाव खर्च: देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय
- ED ने कोर्ट में चार्जशीट के साथ चैट, लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेज पेश किए।

