छत्तीसगढ़ में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले, एक साल बाद मजिस्ट्रेट के पास आवेदन अनिवार्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यदि प्रमाण पत्र बनवाने में एक साल से अधिक समय बीत गया हो, तो आवेदन न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास करना होगा। मजिस्ट्रेट जांच के बाद आदेश पारित करेंगे, फिर उप-रजिस्ट्रार प्रमाण पत्र जारी करेगा।

पहले तक यह जिम्मेदारी कलेक्टर अधिकृत अधिकारी के पास थी, जो सीधे प्रमाण पत्र जारी करता था। अब नए नियमों के तहत गोद लिए गए बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र और मृत जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किया जा सकेगा।


नए नियमों के मुख्य बिंदु

  1. प्रपत्र विवरण में मां और पिता की जानकारी
    • जन्म देने वाली मां की शिक्षा दर्ज करनी होगी (पूर्व प्राथमिक से लेकर डॉक्टरेट तक 20 विकल्प)।
    • माता-पिता का व्यवसाय भी बताना होगा, जैसे कृषक, कृषि मजदूर, दैनिक वेतनभोगी, सरकारी कर्मचारी आदि।
  2. जन्म और मृत्यु स्थान का नया नियम
    • अगर चलती गाड़ी में बच्चा जन्म लेता है, तो जिस स्थान पर गाड़ी सबसे पहले रुकेगी, वहीं से जन्म प्रमाण पत्र बनेगा।
    • इसी तरह, चलती वाहन में मृत्यु होने पर, जहां वाहन रुकेगा, वही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
  3. समय सीमा और विलंब शुल्क
    • 21 दिन तक पंजीयक के पास आवेदन करने पर प्रमाण पत्र 30 दिन में मिलेगा।
    • 21 दिन से एक साल तक विलंब होने पर जिला रजिस्ट्रार अधिकृत अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करेगा।
    • एक साल से अधिक समय बीतने पर आवेदन न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास करना होगा।
    • विलंब शुल्क:
      • 21 दिन से 30 दिन के अंदर: ₹20
      • 30 दिन से एक साल तक: ₹50
      • एक साल से अधिक: ₹100
  4. बच्चे का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया
    • जन्म का पंजीकरण बिना नाम के होता है। माता-पिता को एक साल के भीतर नाम की सूचना रजिस्ट्रार को देना अनिवार्य है।
    • एक साल बाद नाम दर्ज कराने पर ₹250 विलंब शुल्क देना होगा।

प्रमाण पत्र जारी करने की समय सीमा

  • आवेदन करने के 30 दिन में अधिकारी को प्रमाण पत्र जारी करना होगा।
  • यदि समय सीमा में प्रमाण पत्र नहीं दिया गया तो अगले 15 दिन में उसे डाक द्वारा भेजना होगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने यह नियम 2026 के जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत बनाए हैं। इसमें गर्भावधि की न्यूनतम अवधि 28 सप्ताह तय की गई है।

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