रायपुर। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। हालांकि पहले दिन कई जगहों पर बीएलओ को फार्म देर से मिलने की वजह से अभियान की रफ्तार धीमी रही। अनुमान के मुताबिक केवल 10% बीएलओ ही फील्ड पर उतर सके।
इन बीएलओ ने भी महज 10-12 घरों तक ही पहुंच बनाई, क्योंकि मतदाता सूची को क्रमवार जमाने और संबंधित घर ढूंढने में काफी समय लग गया। बुधवार को गुरु नानक जयंती की छुट्टी के चलते अब पूरा अभियान गुरुवार से गति पकड़ने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी।
बीएलओ को एक पेज का फार्म दिया गया है, जिसमें मतदाताओं से व्यक्तिगत जानकारी ली जाएगी। इस वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार मानकर मिलान किया जा रहा है। 22 सालों में जो मतदाता अन्य जगह शिफ्ट हुए हैं या परिसीमन के चलते बूथ बदले हैं, उनका विवरण अपडेट किया जाएगा।
बीएलओ बोले — “समझ न आए तो छोड़ दो, मैं फिर आऊंगी”
राजातालाब नई बस्ती में मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे बीएलओ सुनीला फ्रैंक्लिन हाथ में फार्म लेकर घर-घर जाती दिखीं। उन्होंने मतदाताओं से कहा — “जिसका फार्म है, वह रंगीन फोटो, आधार नंबर, मोबाइल और जन्मतिथि लिख दे। जो समझ न आए, उसे छोड़ देना, मैं वापस आऊंगी।”
फ्रैंक्लिन ने बताया कि वे फार्म स्कैन भी करती हैं ताकि सिस्टम में अपडेट रहे। फार्म स्कैन होते ही एप में नाम रेड से ब्लू हो जाता है, और दोबारा स्कैन करने पर ग्रीन — यानी प्रक्रिया पूरी।
15 वर्षों से बीएलओ ड्यूटी निभा रहीं सुनीला फ्रैंक्लिन की इलाके में अच्छी पहचान है। पूरे प्रदेश में इसी तरह अनुभवी शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है ताकि पुनरीक्षण कार्य सुचारू रूप से चले।
घर बंद मिलने पर नोटिस चिपकाएंगे बीएलओ
यदि किसी घर पर ताला मिला तो बीएलओ वहां नोटिस चिपकाकर तीन बार विज़िट करेंगे। तीसरी बार भी घर बंद मिलने पर वे रिपोर्ट आयोग को सौंप देंगे।

