रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं और सहयोगी संगठनों ने पार्टी के जनसहयोग केंद्र में अफसरों, विधायकों और शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई अधिकारी ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। मंत्रियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में यह “जनसहयोग केंद्र” शुरू किया गया है, जहां मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और हल किया जा सके।

दो दिन में 300 से ज्यादा शिकायतें
बीते दो दिनों में दो मंत्रियों ने मिलकर 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनी हैं। बुधवार, 8 अक्टूबर को वन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप केंद्र में मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।
कार्यकर्ताओं ने क्या कहा
केंद्र पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ शिकायत दर्ज कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समस्याओं पर जल्द कार्रवाई हो। कई शिकायतों में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए गए।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मामलों को संबंधित विभागों तक प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया है ताकि त्वरित समाधान किया जा सके।

शिक्षा, जमीन और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे
भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि जनसहयोग केंद्र सीएम के निर्देश पर शुरू किया गया है। अब तक प्राप्त शिकायतों में शिक्षा, जमीन विवाद, और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले सबसे अधिक हैं। कुछ समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि गंभीर मामलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रियों की जिम्मेदारी तय
सहयोग केंद्र में प्रतिदिन एक मंत्री की ड्यूटी लगाई गई है—
- सोमवार: टंकराम वर्मा
- मंगलवार: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
- बुधवार: वन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप
- गुरुवार: तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
- शुक्रवार: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल
शिकायतों का पंजीयन दोपहर 1 से 2 बजे तक किया जाता है, जिसके बाद सुनवाई और समाधान प्रक्रिया शुरू होती है।

