छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में बीकॉम-एलएलबी के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। रिजल्ट में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव किया।

छात्रों का आरोप है कि कई ऐसे अभ्यर्थियों को अनुपस्थित (एब्सेंट) दिखा दिया गया है, जिन्होंने परीक्षा में भाग लिया था। वहीं कुछ छात्रों को शून्य अंक दिए गए हैं, जिससे परिणाम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी के चलते लॉ के छात्रों ने एनएसयूआई के साथ मिलकर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच बिना किसी शुल्क के कराई जाए। उनका कहना है कि गलती विश्वविद्यालय की है, इसलिए छात्रों से री-इवैल्यूएशन फीस लेना उचित नहीं है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीकॉम-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम मात्र 25.86 प्रतिशत रहा, जो काफी निराशाजनक है। वहीं एलएलएम प्रथम सेमेस्टर का परिणाम 50.35 प्रतिशत दर्ज किया गया। बीए-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम 47.87 प्रतिशत रहा, जबकि तीसरे और नौवें सेमेस्टर में क्रमशः 78.57 प्रतिशत और 84.34 प्रतिशत छात्र पास हुए।
इसके अलावा एलएलबी पार्ट थ्री (पुराना कोर्स) का रिजल्ट 44.12 प्रतिशत रहा। नए कोर्स में बीकॉम-एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जबकि अन्य सेमेस्टर में अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम देखने को मिले।
मामले पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने कहा कि छात्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को अपने परिणाम पर आपत्ति है, वे अपने कॉलेज के माध्यम से आवेदन करें। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और सात दिनों के भीतर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कर परिणाम जारी कर दिया जाएगा।

