बिलासपुर में म्यूल अकाउंट का खुलासा, बिल्डिंग सप्लायर के खाते से 10 राज्यों की ठगी का पैसा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक म्यूल अकाउंट का पर्दाफाश किया है। मामले में एक बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर पर आरोप है कि वह पिछले कुछ महीनों से अपने बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए कर रहा था। उसके खाते से देश के कई राज्यों से आए लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए।

यह कार्रवाई कोनी थाना क्षेत्र में की गई। केंद्र सरकार के पुलिस पोर्टल के जरिए संदिग्ध खाते की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। जांच में आईडीबीआई बैंक के एक खाते पर संदेह हुआ, जिसके ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले गए।

जांच के दौरान पता चला कि इस खाते से जुड़े 10 से ज्यादा साइबर फ्रॉड की शिकायतें देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। खाते में ठगी की रकम जमा कर उसे तुरंत आगे ट्रांसफर किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने 20 जनवरी 2026 को यह बैंक खाता खुलवाया था। इसके बाद से ही इसमें लगातार संदिग्ध लेनदेन हो रहे थे। आशंका है कि आरोपी ने साइबर ठगों के साथ मिलकर यह अकाउंट उपलब्ध कराया और इसके बदले कमीशन लेता था।

तफ्तीश में यह भी सामने आया कि खाते में पैसा आते ही उसे यूपीआई और एटीएम के जरिए निकालकर अन्य खातों में भेज दिया जाता था, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो सके।

पुलिस का कहना है कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और पीड़ितों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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