गंभीर बीमारी से जंग जीतकर छात्रा ने CBSE में 90.4% हासिल किए, व्हीलचेयर पर दी परीक्षा

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर की एक छात्रा ने असाधारण हिम्मत और संघर्ष का परिचय देते हुए गंभीर बीमारी को मात देकर सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 90.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। महज 15 साल की इस छात्रा को गुइलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी दुर्लभ बीमारी हो गई थी, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नसों को प्रभावित करता है।

बीमारी के दौरान उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और बाद में ट्रैकियोस्टोमी भी करनी पड़ी। कई महीनों तक वह बोल नहीं पा रही थी और इशारों या हाथ पर अक्षर लिखकर ही अपनी बात समझाती थी। इस दौरान उसने अपने भाई से आखिरी बार परिवार से बात कराने की इच्छा भी जताई थी।

करीब डेढ़ महीने तक रायपुर में इलाज के बाद उसे नागपुर ले जाया गया, जहां लंबे समय तक उपचार चला। जब वह वापस लौटी तो उसके हाथों में इतनी कमजोरी थी कि पेन पकड़ना भी मुश्किल था। इसके बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी जारी रखी।

धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी और अभ्यास के जरिए उसने फिर से लिखना सीखा। प्री-बोर्ड परीक्षा उसने व्हीलचेयर पर बैठकर दी और अच्छे अंक हासिल किए। बोर्ड परीक्षा में उसे अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन उसने निर्धारित समय से पहले ही पेपर पूरा कर लिया और शानदार 90.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान उसने कई मरीजों को संघर्ष करते और जान गंवाते देखा, लेकिन उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। अब उसका सपना सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का है।

डॉक्टरों के मुताबिक, यह मामला काफी जटिल था और उसे आईसीयू में लगातार निगरानी में रखा गया था। विशेषज्ञों की टीम के समन्वित प्रयास और छात्रा की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही यह संभव हो सका।

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