बस्तर के संवेदनशील इलाके में विकास की एक बड़ी परियोजना फिर पटरी पर लौटती दिख रही है। इंद्रावती नदी पर बेदरे में बन रहा 930 मीटर लंबा अंतरराज्यीय पुल, जो नक्सली दहशत के कारण वर्षों से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू होने जा रहा है। ब्रिज कॉर्पोरेशन ने इसके लिए 28 करोड़ रुपए का नया टेंडर जारी किया है।
यह प्रोजेक्ट 2020-21 में शुरू हुआ था और शुरुआती चरण में 8 पिलर तैयार भी हो चुके थे, लेकिन नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के कर्मचारियों के अपहरण और धमकी के बाद काम पूरी तरह बंद हो गया था। इसके बाद कोई भी ठेकेदार इस हाई-रिस्क जोन में काम करने के लिए तैयार नहीं था।
अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मजबूत तैनाती के चलते भरोसा लौटा है और इंद्रावती नदी किनारे जवानों का स्थायी कैंप भी स्थापित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार कड़ी सुरक्षा के बीच हर हाल में पुल निर्माण पूरा किया जाएगा।
यह पुल बीजापुर जिले को सीधे महाराष्ट्र से जोड़ेगा। बेदरे से महाराष्ट्र के भंवरागढ़ की दूरी मात्र 20 किलोमीटर है। पुल बनते ही बीजापुर से नागपुर और आगे मुंबई तक का सफर आसान हो जाएगा, जिससे अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
अबूझमाड़ क्षेत्र में बन रहा यह पुल विकास के लिहाज से टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। इसके बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही सड़क, मोबाइल नेटवर्क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुल उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा और नदी पार करने का जोखिम खत्म होगा। इंद्रावती नदी पर बनने वाला यह अब तक का सबसे लंबा पुल होगा, जो बस्तर और महाराष्ट्र के बीच संपर्क को नई दिशा देगा।

