रायपुर में ऑनलाइन जमीन डायवर्सन सिस्टम ठप, आवेदनकर्ता परेशान

राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में कृषि जमीन का लैंड यूज बदलने के लिए ऑनलाइन डायवर्सन पोर्टल लॉन्च किया था। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इस सिस्टम को लागू किया गया। इसके तहत ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं और सभी आवेदन पोर्टल के माध्यम से ही किए जाने हैं।

लेकिन तीन महीनों में रायपुर में सिर्फ 16 आवेदन ही ऑनलाइन जमा हो पाए हैं, और इनमें से किसी को भी मंजूरी नहीं मिली है। इस वजह से जमीन मालिकों और खरीदारों में भारी परेशानी है। 2200 वर्गफीट से कम और बड़ी कृषि जमीन के डायवर्सन के लिए आवेदन जमा नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी खामियों और पोर्टल की खराब कार्यप्रणाली के कारण लोग लगातार असफल हो रहे हैं। तहसीलदार राममूर्ति दीवान के अनुसार, ऑफलाइन आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। भुईंया वाट्सएप बोट से भी जानकारी नहीं मिल रही, जिससे लोग तहसीलों में बार-बार भटक रहे हैं। नए सिस्टम के नियमों के मुताबिक, एसडीएम को 15 दिन में आवेदन पर फैसला करना होता है, अन्यथा 16वें दिन ऑटोमेटिक मंजूरी मिलनी चाहिए। रायपुर में यह भी काम नहीं कर रहा है।

द्वारका साहू लगातार एक माह से ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं लेकिन सफल नहीं हो पाए। कुशालपुर के प्रशांत दुबे ने ऑनलाइन और तहसील दोनों जगह कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। बोरियाखुर्द की तस्मीन बानो भी जमीन खरीदने के बाद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाई।

राज्य सरकार और तहसील प्रशासन को जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर ऑनलाइन डायवर्सन प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने की आवश्यकता है, ताकि जमीन मालिकों को राहत मिल सके।

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