रायपुर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने से पहले सदन में कांग्रेस पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी पार्षद हाथों में वादों के पोस्टर लेकर ‘वादा तेरा वादा’ गाते हुए पहुंचे। इस पर सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने नाराजगी व्यक्त की और तख्तियां हटाने के लिए कहा। विपक्ष ने अपने बिंदु रखते हुए कहा कि पहले अधूरी वादों पर चर्चा हो, उसके बाद ही तख्तियां वापस रखी जाएंगी। इसके अलावा, सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच विपक्षी पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस भी हुई।

आवास और अधोसंरचना
पूंजीगत व्यय के तहत लगभग 789 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, नालों के ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क चौड़ीकरण और अन्य बुनियादी विकास कार्य शामिल हैं। नगर निगम विज्ञापन से आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने और नई विज्ञापन नीति में दरों में वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
जल और विद्युत व्यवस्था
जल कार्य विभाग के लिए लगभग 68 करोड़ रुपए और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 74 करोड़ रुपए का अनुमान है। इसमें पेयजल आपूर्ति, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। जोन कार्यालयों के माध्यम से करीब 189 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है, जिसमें सफाई, सड़क निर्माण, नाली सुधार और सामुदायिक भवन निर्माण शामिल हैं।
लोक निर्माण और बुनियादी सुविधाएं
लोक निर्माण विभाग के लिए लगभग 97 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें नालों का निर्माण, सीमेंट रोड, फुटपाथ, चौराहों का विकास और वार्ड कार्यालयों का निर्माण शामिल हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य और फूड विभाग के लिए 77.55 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसमें मच्छर नियंत्रण, आवारा कुत्तों की नसबंदी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सफाई मित्र योजना शामिल हैं।
पिछले वर्ष का बजट
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपए था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और लगभग 79 लाख रुपए का अधिशेष अनुमानित था। पिछले बजट में शहर के महानगरीय स्वरूप को ध्यान में रखते हुए उद्योग भवन, राजेंद्र नगर, सरोना और तेलीबांधा में फ्लाईओवर निर्माण, 18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास, CCTV कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली, ऑटोमेटेड पार्किंग, सड़कों का डामरीकरण और वृक्षारोपण के लिए 61 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

