लैलूंगा में 50 डिसमिल में उगाई जा रही थी अफीम, दो गिरफ्तार, एक फरार

रायगढ़ जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में करीब 50 डिसमिल जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। जिले में दो दिनों के भीतर यह दूसरा मामला है, जबकि पिछले 17 दिनों में यह पांचवीं बार अफीम की खेती पकड़ी गई है।

पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है, जबकि साधराम नाग फरार बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है।

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘सुशासन’ के नाम पर अफीम स्टार्टअप की नई शाखा अब लैलूंगा में खुल गई है।

इससे पहले 23 मार्च को तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अवैध खेती का खुलासा हुआ था। वहां झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10 से 12 वर्षों से खेती कर रहा था। उसने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के नाम पर खेत लिया था, लेकिन उसमें अफीम उगा रहा था। बताया जा रहा है कि झारखंड में उसके सहयोगी पहले से अफीम की खेती करते हैं, जिन्हें देखकर उसने यहां भी यह काम शुरू किया। हालांकि इस मामले की जांच जारी है।

प्रदेश में हाल के दिनों में अफीम की खेती के कई मामले सामने आए हैं। 7 मार्च को दुर्ग, 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी, 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा और 21 मार्च को रायगढ़ के तमनार में भी ऐसी खेती पकड़ी जा चुकी है।

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