सुल्तानपुर में आपदा मित्र एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी सुविधाओं और अधिकारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं।

लगातार कर रहे हैं जोखिम भरा काम
एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2018 से आपदा मित्र प्रशासन के साथ मिलकर विभिन्न आपदा प्रबंधन कार्यों और बड़े आयोजनों में सेवा दे रहे हैं। इनमें कोरोना महामारी के दौरान राहत कार्य, माघ मेला और कुंभ मेला की ड्यूटी, गणतंत्र दिवस समारोह, प्रशिक्षण कार्यक्रम और मॉक ड्रिल जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
पहले भी मिली हैं कुछ सुविधाएं
सरकार की ओर से कुछ प्रोत्साहन दिए गए थे, जिनमें कुछ आपदा मित्रों को टैबलेट और वर्दी, होमगार्ड भर्ती में अतिरिक्त अंक, डीजी वॉकर प्रमाणपत्र, तीन वर्ष के लिए 5 लाख रुपये का जीवन व दुर्घटना बीमा तथा सड़क सुरक्षा कार्यों से जोड़ने का आश्वासन शामिल है।
मुख्य मांगें
बीमा और वेतन
एसोसिएशन ने बीमा राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने और सभी आपदा मित्रों के लिए 26,910 रुपये प्रति माह का न्यूनतम वेतन तय करने की मांग की है।
सामाजिक सुरक्षा
स्वास्थ्य बीमा, पीएफ, वित्तीय सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ और व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है।
कर्मचारी का दर्जा
आपदा मित्रों को सड़क सुरक्षा, अग्निशमन सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं में नियमित कर्मचारी घोषित करने की मांग भी रखी गई है।
अन्य सुविधाएं
इसके अलावा स्वीकृत आपदा कार्यालयों में नियुक्ति, मानसून से पहले बीमा सक्रिय करना, बैंक केवाईसी कार्ड, ड्रेस किट, नियमित प्रशिक्षण और किए गए कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
आपदा मित्रों का कहना है कि वे कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में जनता की सुरक्षा के लिए काम करते हैं, इसलिए उन्हें स्थायी सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।

