यूपी में बदला मौसम: मुजफ्फरनगर में ओले, बिजनौर में आंधी से पेड़ गिरे; सहारनपुर में 2 की मौत, 43 जिलों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मुजफ्फरनगर में देर रात तेज बारिश के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई, जबकि बिजनौर में तेज आंधी के कारण पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स गिर गए। सहारनपुर में आंधी के दौरान टीन शेड गिरने से पूर्व प्रधान समेत दो लोगों की मौत हो गई।

मौसम विभाग ने वाराणसी सहित राज्य के 43 जिलों में हल्की बारिश और 17 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

रविवार को भी नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और अयोध्या समेत कई शहरों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई थी। लखनऊ में धूलभरी आंधी चली, जबकि हरदोई और सीतापुर में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग झुलस गए।

तेज हवा, बारिश और ओलों का असर खेती पर भी पड़ा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें झुक गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। पिछले 24 घंटों में बांदा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सहारनपुर हादसा

सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र में देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान सड़क किनारे बना टीन शेड गिर गया। इसके नीचे दबने से भटपुरा के पूर्व प्रधान जयपाल सैनी और नवादा निवासी रामकेश सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों उत्तराखंड से एक कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से लौट रहे थे और खराब मौसम से बचने के लिए शेड के नीचे रुके थे।

फसलों को नुकसान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं सहित कई फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार इस समय फसल पकने की अवस्था में है, ऐसे में तेज हवा से बालियां झुक जाती हैं और दानों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। कृषि विशेषज्ञों ने भी अधिक नमी के कारण रोग लगने की आशंका जताई है, हालांकि हल्की बारिश कुछ फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है।

प्रशासन सतर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का आकलन करने और किसानों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है, वहां किसानों को समय पर राहत और मुआवजा दिया जाए।

मार्च में जल्दी बढ़ रही गर्मी

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न बदल रहा है और गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। हाल ही में बांदा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो सामान्य से अधिक है। मौसम विभाग ने इस वर्ष कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक हीटवेव चलने की संभावना भी जताई है।

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