महादेव सट्टा ऐप मामला: ED ने 92 करोड़ की संपत्ति की सीज, दुबई से चल रहा था रिग्ड बेटिंग नेटवर्क

रायपुर / नई दिल्ली।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों का संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था, जो भारत से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये विदेश भेज रहा था।


💰 किन संपत्तियों पर ED की कार्रवाई

ED के अनुसार,

  • 74.28 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट Perfect Plan Investment LLC और Exim General Trading – GZCO के नाम पर पाए गए।
  • इन कंपनियों का सीधा संबंध सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से बताया जा रहा है।

इसके अलावा,

  • 17.5 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई स्थित कथित हवाला ऑपरेटर गगन गुप्ता और Skyexchange.com से जुड़ी पाई गई है।
    ED का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए अवैध कमाई को विदेशों में खपाया गया।

🌍 दुबई से संचालित हो रहा था महादेव ऐप

जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट कर रहे थे। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है।


🎰 रिग्ड गेम्स से होती थी ग्राहकों की लूट

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि
Mahadev Online Book और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म पर रिग्ड गेम्स चलाए जा रहे थे,
जहां

  • हार–जीत पहले से तय होती थी
  • यूजर को जानबूझकर नुकसान में डाला जाता था

इस तरह लाखों यूजर्स से अवैध तरीके से रकम वसूली जाती थी।


💸 हवाला, क्रिप्टो और FPI से विदेश पहुंचा पैसा

जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को

  • हवाला नेटवर्क
  • ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग
  • क्रिप्टो एसेट्स

के जरिए विदेश भेजा गया।
बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया।


🔁 कैशबैक रैकेट का भी खुलासा

ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी पर्दाफाश किया है।
जांच में पता चला कि

  • FPI कंपनियां भारतीय लिस्टेड कंपनियों में निवेश करती थीं
  • बदले में कंपनियों के प्रमोटरों को 30–40% रकम नकद लौटानी पड़ती थी

ED का दावा है कि गगन गुप्ता को
Salasar Techno Engineering और Tiger Logistics से जुड़े सौदों में करीब 98 करोड़ रुपये का फायदा हुआ।


📂 अब तक की कार्रवाई

  • अब तक 5 चार्जशीट दाखिल
  • 13 आरोपी गिरफ्तार
  • करीब 2600 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त या अटैच

ED के अनुसार, इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम कर रहा था।


💎 सर्राफा कारोबारी के जरिए पहुंची प्रोटेक्शन मनी

EOW की जांच में यह भी सामने आया है कि
महादेव बुक प्रमोटर्स ने कार्रवाई से बचने के लिए
राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अफसरों तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई।

इसमें छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी सुनील कुमार दम्मानी (श्री आभूषण ज्वैलर्स) की भूमिका सामने आई है।
हवाला के जरिए पैसा कलेक्ट कर
चंद्रभूषण वर्मा और राहुल वक्टे के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था।


👥 पैनल चलाने वाले नाम सामने आए

जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं:

  • सतीश चंद्राकर
  • अर्जुन सिंह यादव
  • भीम सिंह यादव
  • रितेश कुमार यादव
  • दीपक जोसेफ
  • यूसुफ अहमद

⚠️ चालान में अफसरों के नाम गायब

EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए चालान में
किसी भी ब्यूरोक्रेट या पुलिस अधिकारी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
चालान में केवल पदनामों का उल्लेख किया गया है।


🔍 जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

ED और EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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