Telegram पर बिक रहे प्राइवेट और इंटिमेट वीडियो, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के कपल्स की वीडियो का रेट अधिक

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बंग्ला कपल का इंटिमेट वीडियो काफी वायरल हुआ था। यह वीडियो कपल ने खुद अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह करोड़ों लोगों के मोबाइल तक पहुँच गया। भास्कर की पड़ताल में यह सामने आया कि ऐसे वीडियो केवल एक घटना नहीं हैं।

टेलीग्राम पर खुलेआम बिक रहे प्राइवेट वीडियो
जांच में पता चला कि टेलीग्राम पर केवल 100 रुपए से लेकर 400 रुपए तक की कीमत पर सैकड़ों कपल्स के इंटिमेट वीडियो बेचे जा रहे हैं। दलाल इन वीडियो को अलग-अलग ग्रुप के लिंक के जरिए कस्टमर तक पहुँचाते हैं। इन वीडियो में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, बंगाल, दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार के कपल्स शामिल हैं।

सिर्फ कपल्स के ही नहीं, 14 साल की बच्चियों से लेकर 40 साल की महिलाओं के न्यूड वीडियो भी दलालों के पास मौजूद हैं। अधिकांश वीडियो सीधे मोबाइल से लीक हुए हैं।

ग्रुप और लोकेशन के हिसाब से रेट
भास्कर ने एक दलाल उज्जवल से संपर्क किया, जो खुद कॉलेज स्टूडेंट है। उसने बताया कि वीडियो का रेट आयु समूह और लोकेशन पर निर्भर करता है। 14 से 25 साल की लड़कियों के वीडियो की कीमत 200–400 रुपए, जबकि अन्य आयु समूह का 100–200 रुपए है। छत्तीसगढ़ के कपल्स या लड़कियों के वीडियो की मांग अधिक होने के कारण उनका रेट भी ज्यादा होता है।

कैसे लीक होते हैं वीडियो?
उज्जवल ने बताया कि ज्यादातर मामलों में वीडियो लड़के ही अपने दोस्तों को भेजते हैं, और फिर वीडियो वायरल हो जाता है। कभी-कभी वीडियो इरादतन वायरल करने के लिए रिकॉर्ड किया जाता है। इसके अलावा, रिवेंज पोर्न और साइबर क्राइम के जरिए भी वीडियो लीक होते हैं।

चाइल्ड पोर्न का भयावह डेटा
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ सर्वर पर 5000 से अधिक बच्चों के पोर्न वीडियो मौजूद हैं, जिनकी उम्र 8 से 14 साल के बीच है। ये वीडियो भी टेलीग्राम के जरिए सेल और शेयर किए जा रहे हैं।

सेल्फ प्लेजर के लिए वीडियो रिकॉर्ड करना और साइकोलॉजिकल पहलू
कई लोग खुद की यौन गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड करते हैं ताकि उसे देखकर यौन उत्तेजना मिल सके। इसे मनोवैज्ञानिक भाषा में कटोप्ट्रोनोफिलिया कहा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब यह आपसी सहमति और निजी सीमा के भीतर हो, तो इसे मानसिक रोग नहीं माना जाता। लेकिन अगर इसमें ब्लैकमेल, दबाव या डर शामिल हो, तो यह मानसिक और कानूनी समस्या बन सकती है।

साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी चेतावनी
साइबर एक्सपर्ट अक्षय बाजपेयी ने बताया कि मोबाइल निजी हो सकता है, लेकिन उसमें मौजूद डेटा हमेशा सुरक्षित नहीं होता। एक छोटी गलती से आपका डेटा थर्ड पार्टी के हाथ लग सकता है। इसलिए अगर कोई अपने या अपने पार्टनर के साथ प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड करता है, तो प्राइवेसी का खतरा हमेशा रहता है।

भारत में कानूनी प्रावधान
भारत में ऑनलाइन पोर्न देखना गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन इसे बनाना, प्रकाशित करना और फैलाना अपराध है। IT एक्ट 2000 के सेक्शन 67 और 67A के तहत दोषियों को 3 साल की जेल और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा IPC के सेक्शन 292, 293, 500, 506 और POCSO एक्ट के तहत भी कार्रवाई होती है।

इंटरनेट पर सुरक्षित रहने के उपाय

  • सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें।
  • लोकेशन शेयरिंग बंद करें।
  • केवल जानकारों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
  • व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर या पता साझा न करें।
  • किसी भी विज्ञापन या ऑफर में फंसने से बचें।
  • किसी अकाउंट से छेड़छाड़ होने पर तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
Scroll to Top