
पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने रविवार को अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जिसे उन्होंने नवंबर 2023 में किसानों की मांगों को लेकर शुरू किया था। इन मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी प्रमुख थी। उन्होंने यह घोषणा फतेहगढ़ साहिब जिले के सिरहिंद में आयोजित एक ‘किसान महापंचायत’ में की।
“आपके आदेश का पालन करता हूँ” – दल्लेवाल
महापंचायत को संबोधित करते हुए दल्लेवाल ने कहा,
“आप सभी किसानों ने मुझे इस आमरण अनशन को समाप्त करने को कहा है। मैं आपका आभारी हूँ कि आपने इस आंदोलन को संभाला। मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ और आपके आदेश को स्वीकार करता हूँ।”
केंद्रीय मंत्रियों ने किया था अनुरोध
उनके इस फैसले से एक दिन पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने और 4 मई को होने वाली वार्ता में शामिल होने की अपील की थी।
- बिट्टू ने वीडियो संदेश में कहा था – “आपका स्वास्थ्य सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। पंजाब के लोगों के लिए आपका जीवन अनमोल है, क्योंकि किसानों और मज़दूरों के संघर्ष के लिए आपके नेतृत्व की हमेशा ज़रूरत रहेगी।”
- चौहान ने कहा – “हम किसान नेताओं से 4 मई को निर्धारित वार्ता में शामिल होने का आग्रह करते हैं।”
क्या था पूरा मामला?
- दल्लेवाल, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मज़दूर मोर्चा (KMM) के प्रमुख नेता हैं।
- उन्होंने 26 नवंबर 2023 को केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए आमरण अनशन शुरू किया था।
- जनवरी में वार्ता शुरू होने के बाद उन्होंने चिकित्सकीय सहायता लेना शुरू किया, लेकिन अनशन जारी रखा।
अब आगे क्या?
केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच 4 मई को वार्ता होनी है, जिसमें MSP समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। दल्लेवाल के अनशन समाप्त करने से माहौल शांत हुआ है, लेकिन किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन फिर तेज़ हो सकता है।
