गर्मी के तीव्र होते ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अगले तीन महीनों तक गंभीर जल संकट की आशंका बनी हुई है। विडंबना यह है कि पिछले वर्ष अच्छी वर्षा होने के बाद भी जल संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं किया जा सका।

वर्तमान स्थिति
- नहरबंदी के कारण जल आपूर्ति प्रभावित
- कई क्षेत्रों में पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध होने के बावजूद प्रबंधन अभाव
- सम क्षेत्र से 2 किमी दूर तक वर्षा जल का भंडार मौजूद
- सेउवा से नागो की ढाणी तक 6-7 किमी लंबा जल स्रोत भरा हुआ
- खाभा से कनोई-दामोदरा तक 3-4 किमी क्षेत्र में पर्याप्त जल उपलब्ध
नहरबंदी का प्रभाव
✔ 26 मार्च से 27 मई तक इंदिरा गांधी नहर परियोजना में रखरखाव कार्य
✔ पहले 30 दिन (26 मार्च से 26 अप्रैल) – केवल पेयजल आपूर्ति (2000 क्यूसेक)
✔ बाद की अवधि (27 अप्रैल से 27 मई) – पूर्णतया जल आपूर्ति बंद
✔ किसानों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध नहीं
विशेषज्ञ राय
जैसलमेर विकास समिति के सदस्य जेपी व्यास के अनुसार:
- जलाशयों को नहर से जोड़ने की आवश्यकता
- पाइपलाइन आधारित जल वितरण प्रणाली विकसित करने पर जोर
- उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन जरूरी
- दीर्घकालिक योजना बनाकर जल संकट पर काबू पाया जा सकता है
इस स्थिति में तत्काल जल संरक्षण उपायों और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि ग्रीष्मकाल में नागरिकों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
