डिज़नीलैंड यात्रा के बाद भारतीय मूल की मां ने 11 वर्षीय बेटे की हत्या की

​कैलिफ़ोर्निया के ऑरेंज काउंटी में एक भारतीय मूल की महिला, सरिता रामाराजू (48), पर अपने 11 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप लगाया गया है। यह घटना तब सामने आई जब सरिता ने डिज़नीलैंड में तीन दिवसीय यात्रा के बाद सांता आना के एक मोटल में अपने बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी। ​

घटना का विवरण:

सरिता रामाराजू और उनके बेटे ने डिज़नीलैंड में तीन दिन बिताए थे। 19 मार्च को, जब सरिता को अपने बेटे को उसके पिता के पास लौटाना था, उसने सुबह 9:12 बजे 911 पर कॉल किया और बताया कि उसने अपने बेटे की हत्या कर दी है और खुद भी आत्महत्या करने के लिए गोलियां खाई हैं। ​

पुलिस जब ला क्विंटा इन एंड सूट्स के मोटल रूम में पहुंची, तो उन्होंने 11 वर्षीय लड़के को बिस्तर पर मृत पाया, उसके गले पर चाकू के घाव थे, और कमरे में डिज़नीलैंड के स्मृति चिन्ह बिखरे हुए थे। पुलिस को वहां एक बड़ा किचन चाकू भी मिला, जिसे सरिता ने एक दिन पहले खरीदा था। प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि लड़के की मृत्यु कई घंटे पहले हुई थी।

पारिवारिक पृष्ठभूमि:

सरिता और उसके पति का 2018 में तलाक हो गया था, जिसके बाद सरिता कैलिफ़ोर्निया से बाहर चली गई थी। यह यात्रा एक कस्टडी विज़िट के दौरान हुई थी, और 19 मार्च को सरिता को अपने बेटे को उसके पिता के पास वापस लौटाना था। लेकिन उसी दिन उसने यह घातक कदम उठाया। ​

अधिकारियों की प्रतिक्रिया:

ऑरेंज काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी टॉड स्पिट्जर ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक बच्चे का जीवन माता-पिता के बीच के गुस्से के कारण खतरे में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता की बाहों में बच्चे को सबसे सुरक्षित महसूस करना चाहिए, लेकिन यहां मां ने अपने बेटे की हत्या कर दी। ​

कानूनी कार्यवाही:

सरिता रामाराजू पर हत्या और घातक हथियार के व्यक्तिगत उपयोग का आरोप लगाया गया है। दोषी पाए जाने पर उसे 26 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। वह वर्तमान में बिना जमानत के हिरासत में है, और उसकी अगली कोर्ट में पेशी 17 अप्रैल को निर्धारित है। ​

निष्कर्ष:

यह घटना माता-पिता के बीच के विवादों के बच्चों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को उजागर करती है। इस मामले में, एक मासूम बच्चे की जान चली गई, जो कि एक त्रासदी है। अधिकारियों ने इस घटना की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।​

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