जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। 

जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। आठ साल पहले 35 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति योजना बनाई गई थी, लेकिन आज भी नगरवासियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • 2015 में स्वीकृत 35 करोड़ रुपये की योजना अभी तक अधूरी
  • ठेकेदार को अधिकांश भुगतान करने के बावजूद काम रुका हुआ
  • नगर के 25 वार्डों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति
  • भूजल स्तर लगातार गिरने से स्थिति और गंभीर

योजना की विफलता:
हसदेव नदी से पानी लाने के लिए बनाई गई योजना दो बार विफल हो चुकी है। पहली बार पाइपलाइन फटने के कारण और दूसरी बार ठेकेदार के काम छोड़कर भाग जाने से। विधायक ब्यास कश्यप ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

नगरवासियों की पीड़ा:
स्थानीय निवासी बताते हैं कि उन्हें प्रतिदिन पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई परिवारों को निजी टैंकर से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:
विधायक ब्यास कश्यप ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि योजना के पैसों का सही उपयोग नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के कारण जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

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