शिर्डी स्थित श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट ने सौर ऊर्जा से चलने वाला ऐसा कुकिंग सिस्टम विकसित किया है, जो रोज हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार कर रहा है और बड़ी मात्रा में गैस की बचत भी कर रहा है। बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच यह मॉडल ऊर्जा बचत की मिसाल बन गया है।

रोज 200 किलो गैस की बचत
सोलर कुकिंग सिस्टम की मदद से प्रतिदिन लगभग 2,000 किलो भोजन तैयार किया जाता है, जो करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त होता है। इससे रोज लगभग 200 किलो गैस की बचत हो रही है। इस पहल को Ministry of New and Renewable Energy ने देश के एक अनोखे मॉडल के रूप में सराहा है।
प्रसादालय में मुफ्त भोजन
शिर्डी में रोजाना औसतन 75 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। संस्थान के प्रसादालय में मुफ्त भोजन दिया जाता है, जिसका लाभ लगभग 40 हजार लोग प्रतिदिन उठाते हैं। पहले इतनी बड़ी मात्रा में भोजन बनाने के लिए करीब 1,700 किलो गैस खर्च होती थी।
2009 में शुरू हुई पहल
ऊर्जा बचत और खर्च कम करने के उद्देश्य से जुलाई 2009 में इस सोलर कुकिंग सिस्टम की स्थापना की गई। इस परियोजना पर लगभग 1.37 करोड़ रुपये खर्च हुए। प्रसादालय परिसर में 73 सोलर डिश लगाई गई हैं, जिनकी सहायता से बड़े सोलर कुकर में भोजन तैयार किया जाता है।
गर्म पानी की सुविधा भी सौर ऊर्जा से
संस्थान ने सौर ऊर्जा से श्रद्धालुओं के लिए गर्म पानी की व्यवस्था भी की है। नए श्रद्धालु निवास, द्वारावती और साईं आश्रम में रोज 10 हजार से अधिक लोगों को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
बड़े पैमाने पर खाना पकाने की क्षमता
प्रसादालय में 150 लीटर क्षमता वाले 10 बड़े कुकर लगाए गए हैं। इनकी मदद से एक समय में लगभग 15 क्विंटल चावल, 5 क्विंटल दाल और 5 क्विंटल सब्जी पकाई जा सकती है।
करोड़ों की बचत
साल 2009 से 2026 तक इस प्रणाली से दो लाख किलो से अधिक गैस की बचत हो चुकी है, जिससे संस्थान को दो करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक बचत हुई है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिला है।

