छत्तीसगढ़ में RSS का महा अभियान: 30 लाख से ज्यादा परिवारों तक पहुंचा संघ, संगठन में भी होगा बड़ा बदलाव

Rashtriya Swayamsevak Sangh ने अपने शताब्दी वर्ष के मौके पर Chhattisgarh में अब तक का सबसे बड़ा ‘गृह संपर्क अभियान’ पूरा करने का दावा किया है। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने करीब 30.55 लाख परिवारों तक पहुंच बनाकर सीधे संवाद किया, जिससे संगठन की जमीनी पकड़ और मजबूत हुई है।

संघ के अनुसार, प्रदेश भर में 2,034 बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 9 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। उल्लेखनीय बात यह रही कि इन कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा रही। संपर्क अभियान के तहत 13 हजार से अधिक गांवों और 600 से ज्यादा शहरी बस्तियों को कवर किया गया।

संगठन ने भविष्य में निर्णय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए अपने ढांचे में बदलाव की भी घोषणा की है। मार्च 2027 से मौजूदा प्रांत व्यवस्था की जगह संभाग आधारित संरचना लागू की जाएगी, जिसके तहत देश को 9 क्षेत्रों और 85 संभागों में विभाजित किया जाएगा।

संघ के कार्य विस्तार की बात करें तो प्रदेश के सभी 34 जिलों में 2,000 से अधिक शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इनमें बड़ी संख्या विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाओं की है, जो युवाओं के बढ़ते जुड़ाव को दर्शाती है। राजधानी Raipur में भी संघ की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं, जहां सैकड़ों बस्तियों में शाखाएं सक्रिय बताई जा रही हैं।

युवा वर्ग को जोड़ने के लिए ‘युवा संगम’ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें 23 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में राष्ट्र निर्माण, उद्यमिता और सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई।

शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने ‘पंच परिवर्तन’—कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता—को समाज में व्यवहारिक रूप से अपनाने का लक्ष्य रखा है।

Scroll to Top