रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कारोबारी आकाश साहू ने एक दंपती पर मंत्रालय में पहचान होने का दावा कर पैसे लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप लगाया है। मामले में डीडी नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित आकाश साहू रायपुरा स्थित शिवोम विहार कॉलोनी का रहने वाला है और वाहन खरीदी-बिक्री का कारोबार करता है। उसने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसकी पहचान जितेंद्र बघेल के माध्यम से विश्वनाथ गुप्ता उर्फ विष्णु गुप्ता से हुई थी। आरोपी खुद को नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताकर मंत्रालय में नौकरी लगवाने का भरोसा देता था।
शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2024 में आरोपी ने आकाश साहू को नवा रायपुर मंत्रालय बुलाया, जहां उसकी मुलाकात आरोपी की पत्नी चंदा गुप्ता से हुई। दोनों ने जल संसाधन विभाग और मंत्रालय में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत अन्य पदों पर भर्ती कराने की बात कही।

इसके बाद पीड़ित ने अपनी पत्नी रेशमी साहू और रिश्तेदार शेषनारायण साहू व रविशंकर साहू के दस्तावेज जमा कराए। आरोपियों ने अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और नकद के जरिए करीब 23 लाख रुपए ले लिए।
दिसंबर 2024 में आरोपियों ने मोबाइल पर कथित नियुक्ति पत्र भेजा, जबकि जनवरी 2025 में व्हाट्सएप के जरिए इम्प्लॉय आईडी भेजी गई। जब पीड़ित अपने परिजनों के साथ मंत्रालय पहुंचा, तब अधिकारियों ने जांच में दस्तावेजों को फर्जी बताया।
पीड़ित के अनुसार, जब उसने आरोपियों से जवाब मांगा तो उन्होंने मंत्रालय में छापा पड़ने का बहाना बनाकर कुछ समय इंतजार करने को कहा। बाद में आरोपियों के मोबाइल बंद आने लगे।
आकाश साहू जब आरोपी के पत्थलगांव स्थित घर पहुंचा तो वहां उसकी पत्नी मिली, जिसने पैसे लौटाने का भरोसा दिया। तय समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई, जिसके बाद पीड़ित ने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

