रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह संयुक्त कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 42 किलो गांजा, 2200 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और 1.53 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान बिना वैध दस्तावेज के बेची जा रही 1700 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोर को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गंज थाना क्षेत्र में दो आरोपी एमडीएमए ड्रग्स की तस्करी करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि वे नागपुर से आने वाली ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से ड्रग्स मंगवाते थे।
पंडरी थाना क्षेत्र में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का मामला सामने आया, जहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा ले जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 42 किलो गांजा और लगभग एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए। कुछ आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका है।
डीडी नगर इलाके में भी 500 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद अब तक 24 मामलों में 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 1.72 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।

