रायपुर में पहले से जारी पानी संकट के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डंगनिया स्थित पानी टंकी से बुधवार सुबह सप्लाई पूरी तरह प्रभावित रही, जिससे शहर के 10 से अधिक इलाकों में करीब 1.5 लाख लोगों को पानी नहीं मिल सका।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम सप्लाई के बाद टंकी का वॉल्व बंद किया गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। इसके चलते ओवरहेड टैंक भरने के बाद रातभर पानी बहता रहा और करीब 34 लाख लीटर पानी बर्बाद हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही जल कार्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वॉल्व की समस्या को ठीक किया गया। इसके बाद टंकी को दोबारा भरा गया और शाम तक पानी सप्लाई बहाल की गई।
बताया जा रहा है कि डंगनिया टंकी शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों जैसे समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, कुशालपुर, सुंदरनगर, पुरानी बस्ती, कंकालीपारा, खो-खो पारा, अमरपुरी और भीमनगर में पानी सप्लाई का मुख्य स्रोत है।

इससे पहले भाठागांव में भी मेन राइजिंग लाइन का वॉल्व खराब होने से पानी का फव्वारा फूट पड़ा था, जिसे करीब दो घंटे बाद ठीक किया गया था। जोन-5 के आयुक्त खीरसागर नायक ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या हुई, जिसे तुरंत सुधार लिया गया है। साथ ही वॉल्व की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, पानी संकट को लेकर शहर में असमानता की तस्वीर भी सामने आई है। जहां वीवीआईपी इलाकों में टैंकर से पर्याप्त पानी पहुंच रहा है, वहीं आम लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं।
महापौर मीनल चौबे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की बैठक की और स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने शहर में पानी के अवैध कारोबार का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि कुछ इलाकों में बोर से पानी निकालकर बेचा जा रहा है, जिस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

