रेलवे नौकरी में फिटनेस सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर 5 लाख रिश्वत की मांग, CBI ने 2 को भेजा जेल

रेलवे भर्ती में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में CBI ने रेलवे के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रेलवे में असिस्टेंट स्पोर्ट्स सेक्रेट्री के पद पर कार्यरत इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और उनकी स्टूडेंट वेटलिफ्टर रामा लक्ष्मी शामिल हैं।

CBI की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक महिला उम्मीदवार से रेलवे में नौकरी दिलाने और मेडिकल में फिट घोषित कराने के बदले 5 लाख रुपए की मांग की थी। आरोप था कि पैसे नहीं देने पर मेडिकल टेस्ट में फेल कर देने की धमकी दी गई थी।

मंगलवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 1 जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी रामा लक्ष्मी ने राजशेखर राव के कहने पर उम्मीदवार वंशिका से पैसों की मांग की थी। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में असली मास्टरमाइंड की भूमिका की भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।

CBI के वकील प्रशांत बाजपेयी के अनुसार, आरोपियों ने उम्मीदवार पर दबाव बनाते हुए कहा था कि यदि रकम नहीं दी गई तो उसे मेडिकल परीक्षण में अनफिट कर दिया जाएगा। वहीं पैसे देने पर उसे TTI पोस्ट के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कराने का भरोसा दिया गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि राजशेखर राव ने सीधे संपर्क करने के बजाय अपनी स्टूडेंट रामा लक्ष्मी को माध्यम बनाया था। बताया जा रहा है कि इसके बदले उसे रकम का हिस्सा देने की बात भी कही गई थी।

मामले में शिकायत मिलने के बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए 16 मई को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित घर से बी. राजशेखर राव को गिरफ्तार किया। वहीं रामा लक्ष्मी को रायपुर DRM ऑफिस से हिरासत में लिया गया।

छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों के ठिकानों से लाखों रुपए नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि एजेंसी ने बरामद रकम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

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