छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चोरों ने त्योहार के दौरान सूने पड़े मकानों को निशाना बनाते हुए दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया है। अज्ञात चोरों ने दोनों घटनाओं में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। दोनों ही परिवार घर में ताला लगाकर त्योहार मनाने बाहर गए हुए थे। मामलों में संबंधित थानों में अपराध दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जूटमिल थाना क्षेत्र में पहली वारदात
पहली घटना जूटमिल थाना क्षेत्र के मिट्ठुमुड़ा इलाके की है। पीड़ित शिव कुमार साव (42) ने पुलिस को बताया कि वे पीडी कॉमर्स कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं। शनिवार सुबह वे अपने परिवार के साथ बड़े भंडार पर्व मनाने के लिए घर बंद कर बाहर गए थे।
सोमवार को घर लौटने पर उन्होंने देखा कि कमरे का ताला टूटा हुआ है और घर का सामान बिखरा पड़ा है। अलमारी का लॉकर भी तोड़ दिया गया था, जिसमें रखे 80 हजार रुपये नकद और करीब 1 लाख 20 हजार रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। आसपास पूछताछ के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने जूटमिल थाने में शिकायत दर्ज कराई।

कोतवाली थाना क्षेत्र में दूसरी चोरी
दूसरी चोरी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के रामभांठा इलाके में सामने आई है। यहां रहने वाले अनिल कुजूर (52) जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत हैं। वे 26 दिसंबर को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने गृह ग्राम बासाडीह, जिला जशपुर चले गए थे।
अगले दिन मकान मालिक से उन्हें सूचना मिली कि घर का ताला टूटा हुआ है। रायगढ़ लौटने पर उन्होंने पाया कि अलमारी का लॉकर तोड़ा गया है और उसमें रखे करीब 90 हजार रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। इसके बाद अनिल कुजूर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा किया जाएगा।

