छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शिक्षक को नशे में स्कूल पहुँचकर छात्राओं के सामने हंगामा करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामला लारीपानी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का है। शिक्षक महेश राम सिदार ने कक्षा में गाली-गलौज की और जब प्राचार्य ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि बोलने का अधिकार केवल ईश्वर ने दिया है।
इस घटना के बाद प्राचार्य ने शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया और जिला मुख्यालय रायगढ़ कार्यालय में अटैच कर दिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।

घटना का विवरण
घटना 9 अक्टूबर, गुरुवार की है। सुबह लगभग 10:30 बजे महेश राम सिदार नशे की हालत में स्कूल पहुंचे, हाजिरी में सिग्नेचर किया और फिर चले गए। दोपहर लगभग 2 बजे, नौवीं कक्षा के पांचवें पीरियड के दौरान वह वापस आए और दूसरे शिक्षक की कक्षा में प्रवेश कर छात्रों को डाँटने लगे।
जब प्राचार्य ने उन्हें बाहर जाने को कहा, तो नशे में धुत शिक्षक गुस्से में उलझ गए और स्टाफ के साथ बहस करने लगे। कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम स्कूल पहुँचकर महेश राम को थाने ले गई।
प्रशासनिक कार्रवाई
प्राचार्य ने घटना की लिखित शिकायत लैलूंगा थाना और शिक्षा विभाग में की। जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने इसे लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा।
शिक्षक महेश राम सिदार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1966, नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जिला मुख्यालय रायगढ़ कार्यालय में अटैच किया गया है और जीवन निर्वाह भत्ता नियम अनुसार दिया जाएगा।

