2 लाख पौधों से बनेगा ‘बी कॉरिडोर’: हाईवे किनारे फूलों की हरियाली, मधुमक्खियों के लिए खास पहल

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठा रहा है। योजना के तहत हाईवे किनारे मधुमक्खियों के लिए विशेष “बी कॉरिडोर” विकसित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में फूलदार पौधे लगाए जाएंगे।

इस पहल की शुरुआत छत्तीसगढ़ से की जा रही है। सबसे पहले नेशनल हाईवे‑53 के आरंग से सरायपाली मार्ग पर यह कॉरिडोर बनाया जाएगा।

अन्य हाईवे भी होंगे शामिल

इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य प्रमुख मार्गों पर भी परियोजना लागू होगी, जिनमें —

  • नेशनल हाईवे‑30 (रायपुर–धमतरी)
  • नेशनल हाईवे‑130 (कटघोरा–पथरापाली)

सालभर मिलेगा मधुमक्खियों को भोजन

कॉरिडोर में विभिन्न प्रजातियों के फूलदार पौधे लगाए जाएंगे ताकि मधुमक्खियों को पूरे वर्ष पराग और मधुरस मिलता रहे। इससे शहद उत्पादन, परागण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

हाईवे किनारे विकसित हरित पट्टी में करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश और जामुन जैसे पेड़ लगाए जाएंगे। अनुमान है कि इस परियोजना के तहत करीब 2 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे सड़क किनारे फूलों की हरियाली भी बढ़ेगी।

गांवों से दूरी पर बनाया जाएगा कॉरिडोर

अधिकारियों के अनुसार इन कॉरिडोर को गांवों से औसतन 5 से 6 किलोमीटर दूर विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और मधुमक्खियों के लिए सुरक्षित वातावरण बन सके।

जल्द होगी अधिकारियों की बैठक

परियोजना को लेकर रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में संबंधित जिलों के अधिकारियों और प्रोजेक्ट डायरेक्टरों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें कार्ययोजना तय की जाएगी।

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