रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन के लेन-देन के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने मामले से संबंधित चार्जशीट, केस डायरी और अन्य जांच दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस से मांगी हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अब जांच केवल ड्रग्स सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन और कथित काले धन के स्रोतों की भी पड़ताल की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, ED यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रग्स कारोबार से कथित रूप से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। एजेंसी उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में ला सकती है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। ED की सक्रियता के बाद उन लोगों में भी हलचल बढ़ गई है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए थे लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से किसी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बने हैं।
इस मामले का खुलासा अगस्त 2025 में हुआ था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई करते हुए नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में दावा किया गया कि नाव्या मलिक रायपुर समेत अन्य स्थानों पर संचालित एक कथित ड्रग्स नेटवर्क की प्रमुख कड़ी थी।
पुलिस जांच के अनुसार, नाव्या मलिक का नेटवर्क मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। आरोप है कि वह शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और क्लब कल्चर से जुड़े लोगों तक ड्रग्स पहुंचाने का काम करती थी। जांच में यह भी सामने आया था कि उसके संपर्क प्रभावशाली वर्ग के लोगों तक फैले हुए थे।
नाव्या की गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में करीब 850 लोगों के संपर्क और बातचीत के रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया था। इनमें व्यवसायी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश चार्जशीट में केवल नौ आरोपियों को ही नामजद किया गया।
चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज कथित तौर पर इस पूरे मामले के सामने आने की महत्वपूर्ण कड़ी बना। दस्तावेजों के अनुसार, अयान ने दिल्ली से आने वाली कथित ड्रग्स खेप की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि अयान स्वयं भी कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
मामले की चार्जशीट में एक रहस्यमयी नाम ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ का भी कई बार उल्लेख किया गया है। हालांकि यह व्यक्ति कौन है और उसकी वास्तविक पहचान क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। इस नाम को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
फिलहाल इस हाईप्रोफाइल मामले में नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब ED की जांच के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।