रायपुर में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर नजरबंद — अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने वाले थे, कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग

रायपुर में शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर को पुलिस ने गहोई भवन में नजरबंद कर दिया। वे अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ सीएम हाउस के बाहर धरना देने वाले थे।

जानकारी के अनुसार, कंवर रायपुर में कोरबा कलेक्टर अजित वसंत को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठने वाले थे। पुलिस ने उन्हें एम्स के पास रोक लिया, जिसके बाद उन्होंने गेट कूदकर निकलने की कोशिश भी की। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा — “अगर यही रवैया रहा, तो अगली बार भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। जनता कह रही है कि अगली बार बीजेपी को 15 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।”

🔹 विवाद की जड़

कंवर ने कलेक्टर अजित वसंत पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कोरबा में प्रशासन “हिटलरशाही” तरीके से काम कर रहा है। आरोपों में शामिल हैं —

  • 40,000 महिला स्व-सहायता समूहों से अरबों की ठगी
  • फर्जी मुआवज़ा वितरण
  • पत्रकारों और भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना
  • खनिज न्यास निधि (DMF) में करोड़ों की अनियमितता

🔹 ननकीराम कंवर की प्रमुख मांगें

  1. कोरबा कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए।
  2. महिला ठगी, फर्जी मुआवज़ा और DMF घोटालों की निष्पक्ष जांच हो।
  3. पत्रकारों और भाजपा कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई वापस ली जाए।
  4. प्रशासनिक भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

🔹 शासन की प्रतिक्रिया

राज्य शासन ने इस मामले में बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, जैन ने कहा कि उन्हें अभी लिखित आदेश नहीं मिला, लेकिन आदेश मिलते ही जांच शुरू करेंगे।

🔹 पृष्ठभूमि

यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी कलेक्टर अजित वसंत ने कई राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए नोटिस भेजे थे। अब ननकीराम कंवर ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।

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