3-लेयर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश: 11 राज्यों में करोड़ों का साइबर ठगी नेटवर्क, रायपुर से 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाईटेक मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेहद संगठित ढंग से मोबाइल चोरी कर, पासवर्ड क्रैक कर, लोगों के खातों से लाखों की रकम उड़ा देते थे। इन अपराधों को तीन लेयर में अंजाम दिया जाता था। जांच में अब तक करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन का खुलासा हो चुका है।

सब्जी बाजार से हुई शुरुआत, मोबाइल चोरी से खुला राज

यह मामला तब सामने आया जब गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक स्थित सब्जी बाजार में एक युवक के मोबाइल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पीड़ित मुन्नालाल पटेल, जो नागरिक आपूर्ति निगम में ड्राइवर हैं, सब्जी लेने पहुंचे थे। उसी दौरान किसी ने उनकी शर्ट की जेब से मोबाइल पार कर लिया। कुछ देर बाद पता चला कि उनके फोन-पे से 99 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं।

तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल चोरी के बाद टेक एक्सपर्ट की मदद से डिवाइस का लॉक तोड़ते थे। फिर UPI ऐप्स से खातों से पैसे निकालकर अपने या गैंग से जुड़े अन्य खातों में भेज देते थे। पैसा जल्द ही विभिन्न अकाउंट्स में घूमकर ATM से निकाला जाता था, ताकि ट्रैक न हो सके।

बंगाल और झारखंड से जुड़े तार, 6 आरोपी दबोचे गए

फोन-पे से ट्रांसफर हुए पैसों की जांच में पुलिस को कोलकाता निवासी मुकेश कुमार के बैंक खाते का सुराग मिला। लेकिन असल इस्तेमालकर्ता थे शेख सुलेमान उर्फ राजन और अंकित शर्मा, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी पूछताछ में गिरोह के झारखंड (साहेबगंज) और पश्चिम बंगाल में फैले नेटवर्क का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी चोरी के मोबाइल से बैंकिंग ऐप्स खोलकर फोन-पे और पेटीएम से रकम ट्रांसफर करते थे।

मोबाइल डेटा से सामने आया करोड़ों का लेनदेन

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइलों की जांच में करोड़ों की साइबर फ्रॉड ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस को इस रैकेट की गतिविधियों के सबूत 11 राज्यों में मिले हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की जांच तेज़ कर दी गई है।

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