जशपुर, छत्तीसगढ़: एक पिता की बेटी के प्रति सच्ची मेहनत और प्यार का उदाहरण सामने आया है। जशपुर जिले के किसान बजरंग राम भगत ने अपनी बेटी चंपा के लिए स्कूटी खरीदने के लिए महीनों तक 10-10 और 20-20 रुपये के सिक्के जमा किए।
बजरंग ने कुल 40,000 रुपये के सिक्के एक बोरे में भरकर देव नारायण होंडा शोरूम पहुंचे। शोरूम के कर्मचारियों को सिक्कों का ढेर देखकर हैरानी हुई। घंटों तक हर सिक्का गिनने के बाद, शोरूम स्टाफ ने मेहनती किसान को स्कूटी सौंप दी। बाकी बचे पैसे बजरंग ने नोटों में भुगतान किए।
शोरूम के मालिक आनंद गुप्ता ने कहा कि किसान की मेहनत और ईमानदारी देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई। इतना ही नहीं, शोरूम ने ‘स्क्रैच एंड विन’ के तहत बजरंग को मिक्सर-ग्राइंडर भी उपहार में दिया।
स्कूटी मिलने के बाद बजरंग और उनकी बेटी की खुशी देखने लायक थी। परिवार ने शोरूम कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और यह घटना सोशल मीडिया पर भी सद्भावना और प्रेरणा का संदेश बन गई है।
यह कहानी दर्शाती है कि पिता का प्यार और मेहनत किसी भी बाधा को पार कर सकता है।

