
जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए CID ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना और परीक्षा सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।
यह मामला तब सामने आया जब 21 मार्च को आयोजित होने वाली गणित की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे परीक्षा को पुनर्निर्धारित करना पड़ा। जांच में यह भी पता चला कि कई संस्थानों ने निर्धारित समय से पहले ही सीलबंद प्रश्नपत्रों को खोल दिया था, जो परीक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है।
इन घटनाओं के मद्देनजर, असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) ने एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नई तिथियों पर चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह पहली बार नहीं है जब असम में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं। पिछले वर्षों में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करते हैं। इन घटनाओं के बावजूद, बार-बार होने वाले लीक से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा सुरक्षा प्रोटोकॉल में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।
CID और SIT की वर्तमान जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा, और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ASSEB की आगामी बैठक में लिए गए निर्णय हजारों प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
