
अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए 40 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय विश्वास कुमार रमेश अभी भी सदमे में हैं और कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह कैसे जिंदा बच गए। आज सुबह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के अस्पताल में उनसे मुलाकात की, जहाँ वह भर्ती हैं।
“मुझे नहीं पता मैं कैसे बच गया”
हादसे के कुछ ही देर बाद दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,
“कुछ पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूँ। लेकिन जब मैंने आँखें खोली, तो देखा कि मैं जिंदा हूँ। मैंने सीट बेल्ट खोली और वहाँ से निकल गया। मेरी आँखों के सामने ही एयरहोस्टेस और एक आंटी-अंकल की मौत हो गई।”
विश्वास कुमार की सीट 11A थी, जो इमरजेंसी डोर के ठीक बगल में थी। हादसे के दौरान यह दरवाज़ा टूट गया, जिससे उन्हें बचने का रास्ता मिल गया।
जब पूछा गया कि क्या वह हॉस्टल पर गिरे, तो उन्होंने कहा,
“नहीं, मैं ज़मीन के करीब था, ग्राउंड फ्लोर पर, जहाँ कुछ जगह थी। मैं वहाँ से निकल आया। दूसरी तरफ़ बिल्डिंग की दीवार थी, और मुझे नहीं लगता कि कोई उस तरफ़ से बच पाया होगा।”
कुछ ही पलों बाद आग लग गई, जिससे उनकी बाँह जल गई। वह भावुक होकर बताते हैं,
“मेरी आँखों के सामने दो एयरहोस्टेस…”
हादसे का क्षण
विश्वास ने बताया कि टेकऑफ़ के एक मिनट बाद ही ऐसा लगा कि विमान अटक गया है। फिर हरी-सफेद लाइटें जलने लगीं। पायलटों ने विमान को ऊपर उठाने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी गति से एक इमारत से टकरा गया।
भीषण तबाही, 241 लोगों की मौत
कल, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान के टेकऑफ़ के कुछ ही मिनट बाद हादसा हो गया। विमान हवाई अड्डे के बाहर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया। विमान में भारी मात्रा में ज्वलनशील एविएशन फ्यूल था, जिससे विशाल आग का गोला बन गया और घने काले धुएँ के बादल मीलों दूर से दिखाई दे रहे थे।
इस हादसे में 241 लोगों (यात्रियों और क्रू मेंबर्स) की मौत हो गई। हॉस्टल में भी कई लोग मारे गए, जिनमें 5 MBBS छात्र, 1 PG रेजिडेंट डॉक्टर और एक सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं। 60 से अधिक मेडिकल छात्र घायल हुए हैं।
DNA टेस्ट के बाद ही पता चलेगा सही आँकड़ा
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सभी DNA मिलान होने के बाद ही मृतकों की सही संख्या सामने आ पाएगी। विमान में 230 यात्री (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई) और 12 क्रू मेंबर्स (2 पायलट और 10 केबिन क्रू) सवार थे।
PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और कहा,
“यह दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूँ, जो प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।”

