राजधानी के बिरगांव इलाके से भारतीय जनता पार्टी के सुशासन के दावे पर सवाल खड़ा करने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, घटना 9 अक्टूबर की देर रात की है। मामला उरला थाना क्षेत्र के 6 लाइन इलाके में स्थित न्यू पंजाब ढाबा का है, जहां देर रात BJP मंडल अध्यक्ष भगिरथ यादव और उनके साथी गौतम साहू और दो साथी साथ थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों नेता ढाबे में पहुंचकर शराब की मांग करने लगे। जब ढाबा संचालक ने साफ तौर पर कहा कि वहां शराब उपलब्ध नहीं है, तो आरोपी नेता अपने पद और राजनीतिक रौब का हवाला देने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को “BJP का अध्यक्ष” बताते हुए धमकी दी
स्थिति तब बिगड़ी जब ढाबा संचालक ने विरोध किया। इसके बाद कथित रूप से दोनों ने मारपीट और गाली-गलौज की। उपस्थित लोगो ने किसी तरह बीच-बचाव किया। हैरानी की बात तो यह है कि झगड़े के बाद भी मामला यहीं नहीं रुका — बल्कि BJP नेताओं ने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी, जिसके बाद ढाबा संचालक को ही थाने में हिरासत में रख लिया गया।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इसे “सत्ता के नशे में चूर गुंडाराज” बताया है। लोगों का कहना है कि जब शासन और संगठन के पदाधिकारी ही कानून की मर्यादा तोड़ने लगें, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल, उरला थाना में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
जनता पूछ रही है — क्या यही है BJP का सुशासन, जहां पीड़ित ही आरोपी बन जाता है?

