गरियाबंद में प्रसव पीड़ा झेल रही महिला को खाट पर बांधकर नदी पार कराई, परिजन 8 किमी पैदल लेकर पहुंचे अस्पताल; 28 जिलों में अलर्ट जारी

गरियाबंद जिले में एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीणों ने खाट पर बांधकर नदी पार कराया। देवझर अमली की 24 वर्षीय पिंकी नेताम अचानक प्रसव पीड़ा में हुई। किसी भी तरह की परिवहन सुविधा न होने के कारण परिजन उसे खाट पर लिटाकर अमाड़ नदी पार करके देवभोग स्वास्थ्य केंद्र ले गए। सुरक्षा के लिहाज़ से महिला को खाट में बांधा गया ताकि नदी पार करते समय गिरने का खतरा न रहे।

मैनपुर तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

मौसम का अलर्ट:
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोरिया, मुंगेली और बलौदाबाजार जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, बालोद, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, धमतरी, रायगढ़ समेत 25 जिलों में यलो अलर्ट है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है।

हाल ही में बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में जनहानि की खबरें भी आई हैं। बुधवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हुई, जिनमें दो महिलाएं गरियाबंद और चार युवक रायगढ़ जिले में मारे गए। ज्यादातर लोग तेज बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे या खेत से लौट रहे थे।

मानसून की स्थिति:
मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना गया, जबकि इसके बाद की बारिश को पोस्ट-मॉनसून या मानसून के बाद की बारिश कहा जाएगा। देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में सामान्यतः 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा से मानसून लौटना शुरू होता है, लेकिन इस बार इसकी वापसी में देरी की संभावना है। अनुमान है कि प्रदेश में मानसून लगभग 15 अक्टूबर के बाद लौटेगा।

वर्षा का आंकड़ा:
प्रदेश में अब तक औसत 1167.4 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 524.5 मिमी पानी बरसा, जो सामान्य से 50% कम है। जबकि बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 52% अधिक है।

खंड वर्षा क्यों होती है:

  • स्थानीय बादल बनना: किसी छोटे इलाके में ज्यादा गर्मी से पानी की भाप ऊपर उठकर जल्दी ठंडी होती है और बादल बन जाते हैं।
  • भू-आकृति (टोपोग्राफी): पहाड़ी, नदी या जंगल वाले इलाके में हवा में नमी फंस जाती है, जिससे बारिश होती है जबकि पास के क्षेत्र सूखे रह सकते हैं।
  • हवा की दिशा: नमी की विशेष दिशा होने पर कुछ जगहों पर अधिक बारिश होती है।
  • तापमान और नमी का अंतर: छोटे क्षेत्र में नमी ज्यादा होने और तापमान तेजी से बदलने पर बादल फटकर बारिश कर देते हैं।

बिजली गिरने की वजह:
बादलों में पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं और चार्ज उत्पन्न करते हैं। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये टकराते हैं तो बिजली बनती है। यह बिजली धरती तक पहुंचने के लिए पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु जैसी चीजों का कंडक्टर ढूंढती है। इसके पास होने पर व्यक्ति बिजली की चपेट में आ सकता है।

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