दिल्ली ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल, डेटोनेटर का इस्तेमाल: मरने वालों की संख्या 12 हुई; PM मोदी बोले- गुनहगार बख्शे नहीं जाएंगे

नई दिल्ली:
दिल्ली में सोमवार शाम हुए भयानक कार ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि 20 लोग घायल हैं और उनका इलाज राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। दो शवों की पहचान हो चुकी है, बाकी की पहचान DNA टेस्ट के ज़रिए की जाएगी।

धमाके का समय और स्थान:
यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर-1) के पास एक सफेद i20 कार में विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज़ था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

CCTV फुटेज में सामने आया संदिग्ध:
मंगलवार को सामने आए CCTV फुटेज में दिखा कि कार चलाते हुए एक काला मास्क पहने शख्स बैठा है। जांच में उसका नाम डॉ. मोहम्मद उमर नबी, निवासी पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया। DNA जांच के लिए कश्मीर पुलिस ने उमर की मां और दो भाइयों को हिरासत में लिया है।

जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट:
न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। इससे संकेत मिलते हैं कि धमाका सुनियोजित तरीके से किया गया आतंकी हमला हो सकता है।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया:
दो दिन के भूटान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा,

“पूरा देश दिल्ली विस्फोट से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

कार में ढाई घंटे बैठा रहा उमर:
जांच में यह भी सामने आया है कि उमर कार में करीब ढाई घंटे तक बैठा रहा और एक बार भी बाहर नहीं निकला। माना जा रहा है कि उसने कार में बैठकर ही विस्फोट को अंजाम दिया।

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