शहर में बिजली के खंभों पर फैले इंटरनेट और टीवी केबलों का जाल अब नागरिकों के लिए खतरा बनता जा रहा है। जगह-जगह बिना मानक के लगाए गए तार न केवल अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। कई इलाकों में खंभे पूरी तरह केबल से ढके नजर आते हैं।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर के लगभग 51 हजार पोलों पर निजी कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों के तार लगे हुए हैं। इसके बदले विभाग प्रति पोल सालाना करीब 100 रुपये किराया वसूल रहा है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा।
कई स्थानों पर ये केबल जमीन से काफी कम ऊंचाई पर लटक रहे हैं। इससे बड़े वाहनों के फंसने और दोपहिया चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। नागरिकों का कहना है कि लटकते तारों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
योजनाएं बनीं, अमल नहीं
बिजली विभाग ने पुराने तार हटाकर सुरक्षित एबी केबल लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन यह कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसी तरह केबलों को व्यवस्थित करने की योजना भी फाइलों तक सीमित बताई जा रही है।
प्रमुख बाजार क्षेत्रों में स्थिति खराब
शहर के कारोना चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, सिविल लाइन और बृहस्पति बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में खंभों पर तारों का जाल साफ देखा जा सकता है, जहां पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है।
नियमों की हो रही अनदेखी
नियमों के अनुसार जमीन से 3–4 मीटर तक खंभे पर खुले तार नहीं होने चाहिए और केबल को पाइप से ढंकना जरूरी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर बिना सुरक्षा के तार लगाए गए हैं।
विभाग ने जांच के दिए निर्देश
अधिकारियों का कहना है कि कम ऊंचाई वाले केबलों की जांच कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी वहां तार बदले जाएंगे और अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए केबल हटाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

