दुर्ग में चेतना विकास और मूल्य आधारित शिक्षा पर कार्यशाला, पीएम मोदी की धन-धान्य कृषि योजना का लाइव प्रसारण

दुर्ग जिले के अछोटी स्थित अभ्युदय संस्थान में चेतना विकास और मूल्य आधारित शिक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

🎓 शिक्षा पर मंत्री यादव के विचार

मंत्री यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक बदलाव का आधार भी है। उन्होंने जोर दिया कि नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों में चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। ये गुण विकसित पीढ़ी को विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान करने में सक्षम बनाएंगे।

कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और चर्चा की कि मूल्य आधारित शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

🌾 पीएम मोदी की धन-धान्य कृषि योजना का दुर्ग में लाइव प्रसारण

साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा से धन-धान्य कृषि योजना, पल्सेस मिशन और दलहन-तिलहन से जुड़ी 1100 परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसका लाइव प्रसारण दुर्ग जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, पाहंदा में किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन ने योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि ये पहल कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगी।

मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने कहा कि पीएम मोदी की पहल किसानों की आय दोगुनी करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

तकनीकी सत्र में डॉ. ईश्वरी कुमार साहू ने धान फसल में कीट और बीमारियों की रोकथाम, कम लागत में अधिक उत्पादन, और चना, तिवड़ा, अरहर और सरसों जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में 236 से अधिक किसानों ने भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान पाया। किसानों को कृषि, बागवानी, पशुपालन, जैविक और प्राकृतिक खेती से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी भी दी गई।

Scroll to Top