राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गृह विभाग ने कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि अब प्रदेश में दर्ज होने वाली हर एफआईआर की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पहले मामलों की समीक्षा मैन्युअल तरीके से होती थी, जिससे विवेचना में देरी होती थी। अब एक विशेष अपराध समीक्षा एप्लीकेशन के माध्यम से एफआईआर का विश्लेषण, समय-सीमा में जांच और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से त्वरित कार्रवाई
संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल है। किसी भी शिकायत के पीएचक्यू पहुंचते ही वह संबंधित एसपी, डीएसपी और थाने तक तत्काल प्रेषित हो जाती है।
उन्होंने बताया कि यदि 30 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण नहीं होता, तो सिस्टम में स्वतः अलार्म सक्रिय हो जाता है। इससे लंबित मामलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई की रफ्तार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
नशे और ऑनलाइन जुए के खिलाफ कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही अनधिकृत ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स पर पहली बार व्यापक कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक और पोर्टल्स को ब्लॉक किया गया है।
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कई संदिग्ध खातों को सीज किया है। फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले 165 पीओएस संचालकों को गिरफ्तार किया गया है।
गौ-वंश तस्करी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गौ-वंश तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां गौ-वंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार से जुड़े आदतन आरोपियों की सूची तैयार की गई है। ऐसे 19 आरोपियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
गौ-वंश वध और अवैध परिवहन के मामलों में 142 वाहनों को राजसात किया गया है, जिनमें से 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और डीजी (जेल) हिमांशु गुप्ता भी उपस्थित रहे।

