छत्तीसगढ़ के CM विष्णुदेव साय का निर्देश: नशाखोरी और अपराध पर सख्त निगरानी, दोषियों पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लगातार दूसरे दिन कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में कड़ा संदेश दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि राज्य में नशाखोरी और ड्रग्स के कारण अपराध बढ़ रहे हैं। साथ ही, घुसपैठियों के कारण भी कई आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। ऐसे मामलों पर कड़ाई से कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर ठगी और नए तरीके के ऑनलाइन अपराध रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही प्रशासनिक उदासीनता मानी जाएगी और ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।

साय ने बैठक में कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का डर पैदा हो और आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की कानून-व्यवस्था में कलेक्टर और एसपी का समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहां दोनों के बीच मजबूत तालमेल है, वहां बेहतर नतीजे मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने सड़क पर अव्यवस्था, चाकूबाजी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी भी बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। जिन जिलों में अपराध नियंत्रण में सुधार हुआ है, उनके अनुभव अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किए जाएं।


पिछले एक साल में नशा और ड्रग्स पर कार्रवाई

केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में NDPS और SAFEMA की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। पिछले एक साल में 122 कार्रवाई की गई हैं। इसमें बिलासपुर रेंज में 45 और बस्तर रेंज में 22 कार्रवाई शामिल हैं।

  • SAFEMA के तहत 5.56 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त।
  • 211 मामले में वाहनों को राजसात किया गया।
  • ड्रग्स से संबंधित सबसे ज्यादा कार्रवाई रायपुर में, एक माह में 52 तस्करों को जेल।
  • दुर्ग में 28 आरोपियों की गिरफ्तारी।

पिछले डेढ़ साल में 2500 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनसे 38,110 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया। 2025 की जनवरी से जुलाई तक 42 प्रकरणों में 100 से अधिक गिरफ्तारियां हुई और 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की गई।

2024 में 1329 तस्करों को पकड़ा गया, जिनसे 24,631 किलो गांजा, 335 ग्राम ब्राउन शुगर, 1.30 किलो अफीम और 10,000 नशीली सिरप/टेबलेट बरामद हुई।


CM का निर्देश: नशा = अपराध की जड़

साय ने कहा कि नशाखोरी अपराधों की जड़ है। इसे खत्म करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। उन्होंने राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी रोकने और NDPS एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

  • सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई।
  • घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स।
  • हर मामले में समय-सीमा में कार्रवाई।

साथ ही, उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई, रात 10 बजे के बाद डीजे/लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध, हेलमेट और सीट बेल्ट नियम पालन, ब्लैक स्पॉट की पहचान और सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करें।


अन्य निर्देश

  • आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण
  • सड़क हादसों की रोकथाम और ट्रैफिक सुधार
  • साइबर अपराध रोकने के लिए हेल्पलाइन प्रचार और जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशाखोरी और अपराध पर कड़ा रुख अपनाना ही राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।

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